एलन मस्क के तंज के बीच मुकेश अंबानी से मिल सकते हैं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जानें क्यों अहम है यह मुलाकात
एलन मस्क के तंज और विवादों के बीच मुकेश अंबानी को लेकर अमेरिका से बड़ी खबर आई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले हफ्ते भारत दौरे के दौरान अंबानी से मुलाकात कर सकते हैं। आखिर इस संभावित मुलाकात के क्या मायने हैं और रिलायंस के साथ अमेरिका के रिश्ते क्यों अहम हैं?

In Short
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर के भारत दौरे के दौरान मुकेश अंबानी से मुलाकात कर सकते हैं।
- एलन मस्क की आलोचनाओं के बावजूद अमेरिका और रिलायंस के बीच कारोबारी संबंध मजबूत बने हुए हैं।
- रिलायंस अमेरिका में करीब 50 साल बाद बनने वाली पहली बड़ी नई तेल रिफाइनरी परियोजना में सहयोग करेगी।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) अगले हफ्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी से मुलाकात कर सकते हैं। यह मुलाकात ऐसे समय में होने जा रही है, जब टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क लगातार भारतीय अरबपतियों और खासकर अंबानी पर तंज कस रहे हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान इस संभावित मुलाकात की जानकारी दी।
17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे रुबियो
मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां रिलायंस का दुनिया का सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है।
सर्जियो गोर ने कहा कि रुबियो जामनगर में रिलायंस के अधिकारियों से मिलेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुकेश अंबानी भी वहां मौजूद होंगे। हालांकि, अंबानी के साथ मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रुबियो मुंबई भी जाएंगे। इस दौरे का मकसद भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
अमेरिका में नई तेल रिफाइनरी बनाने में रिलायंस की भूमिका
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब सात महीने पहले घोषणा की थी कि रिलायंस अमेरिका में लगभग 50 साल बाद बनने वाली पहली बड़ी नई तेल रिफाइनरी परियोजना में सहयोग करेगी।
इस रिफाइनरी में रोजाना करीब 1.68 लाख बैरल अमेरिकी शेल ऑयल प्रोसेस करने की क्षमता होगी। रिलायंस ने यहां बनने वाले ईंधन को खरीदने के लिए 20 साल का समझौता भी किया है।
यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि पिछले साल अमेरिकी अधिकारियों ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदकर मुनाफा कमाने वाली भारतीय कंपनियों की आलोचना की थी।
एलन मस्क और अंबानी के बीच क्या है विवाद?
हाल के दिनों में एलन मस्क ने भारत के बड़े उद्योगपतियों पर कई टिप्पणियां की हैं। उन्होंने अंबानी को लेकर 'प्रधानमंत्री अंबानी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और सवाल उठाया कि क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं।
मस्क ने कुछ उद्योगपतियों पर स्टारलिंक को भारत में मंजूरी मिलने से रोकने के आरोप भी लगाए थे।
इन विवादों के बावजूद अमेरिकी सरकार का रिलायंस के साथ बढ़ता सहयोग दिखाता है कि दोनों के कारोबारी रिश्ते मजबूत बने हुए हैं।
ट्रंप परिवार से पुराने हैं अंबानी के रिश्ते
मुकेश अंबानी के ट्रंप परिवार से लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं। वह डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे। वहीं, नवंबर 2025 में डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने जामनगर का दौरा किया था।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रुबियो का संभावित अंबानी से मिलना भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा और कारोबारी रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।