अमेरिकी बॉन्ड बाजार में भारी बिकवाली, 10 साल की यील्ड 5.04% पर पहुंची; 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर

ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक यह 2007 के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। न्यूयॉर्क सेशन के अंत में यील्ड 5% पर रही। वैश्विक बॉन्ड बाजार में जारी बिकवाली के बीच यह बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती पूंजीगत निवेश और ऊर्जा कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाई है।

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By BT बाज़ार डेस्क:

अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बीते मंगलवार को बढ़कर 5.04% तक पहुंच गई। ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक यह 2007 के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। न्यूयॉर्क सेशन के अंत में यील्ड 5% पर रही। वैश्विक बॉन्ड बाजार में जारी बिकवाली के बीच यह बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती पूंजीगत निवेश और ऊर्जा कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाई है।

तेल की कीमतों ने बढ़ाया दबाव

तेल की कीमतों में नई तेजी ने बॉन्ड बाजार पर दबाव बढ़ाया। मध्य पूर्व में युद्ध फैलने की आशंका के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति और बाधित होने की चिंता है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के बाद से दुनियाभर में बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है।

Fed के फैसले पर बाजार की नजर

बॉन्ड बाजार में यह कमजोरी फेडरल रिजर्व के बुधवार के ब्याज दर फैसले से पहले आई है। बाजार को उम्मीद है कि फेड 2023 के बाद पहली बार शॉर्ट टर्म ब्याज दर बढ़ा सकता है। BMO Capital Markets के रणनीतिकार वेल हार्टमैन ने कहा कि इस हफ्ते दरें स्थिर रखने से फेड की महंगाई से लड़ने की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है। उनके मुताबिक, बाजार को दरों में बढ़ोतरी के साथ उसकी तुलना में नरम संकेत मिलने की भी चिंता है।

सरकारी कर्ज और AI निवेश भी वजह

बॉन्ड यील्ड पर दबाव सिर्फ महंगाई और तेल से नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारी कॉरपोरेट निवेश के लिए कर्ज बढ़ रहा है। साथ ही सरकारें पुराने बॉन्ड चुकाने और बजट घाटे को वित्तपोषित करने के लिए लगातार ज्यादा कर्ज जारी कर रही हैं। दूसरी ओर, केंद्रीय बैंकों की बॉन्ड खरीद घट चुकी है और पारंपरिक खरीदारों की मांग भी कमजोर हुई है।

UBS की अमेरिकी रेट्स रणनीति प्रमुख फोएबे व्हाइट ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत नहीं हैं और ट्रेजरी बाजार की मांग की स्थिति 2007 से अलग है। उनके मुताबिक, विदेशी सरकारी निवेशकों की अमेरिकी ट्रेजरी में संरचनात्मक मांग भी कमजोर हुई है।

5% का स्तर क्यों अहम?

10 साल की यील्ड बढ़ने का असर मॉर्गेज समेत दूसरे कर्ज की कीमतों पर पड़ता है। मंगलवार को 20 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की नीलामी में भी मांग उम्मीद से कम रही। ING के शोध प्रमुख पाध्राइक गार्वी ने कहा कि अगर 10 साल की यील्ड 5% से ऊपर टिकती है, तो बाजार में 6% का स्तर भी चर्चा में आ सकता है।

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