UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज? 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर MDR की तैयारी
UPI से पेमेंट करने वालों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। 2000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू हो सकता है। हालांकि, आम ग्राहकों और छोटे दुकानदारों पर इसका असर सीमित रहने की उम्मीद है। NPCI की कमेटी अब तय करेगी कि चार्ज कितना होगा और किन कारोबारियों को इसका भुगतान करना होगा।

In Short
- 2000 रुपये से ज्यादा के UPI मर्चेंट पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज
- NPCI कमेटी तय करेगी MDR की दर और किन मर्चेंट्स पर लागू होगा नियम
- करीब 96% UPI ट्रांजैक्शन MDR के दायरे से बाहर रहने की संभावना
UPI से पेमेंट करने वाले लोगों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। अब 2000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट यानी दुकानदार या बिजनेस को किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू हो सकता है। हालांकि, इसका फैसला अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है। NPCI की एक कमेटी यह तय करेगी कि कितना चार्ज लगेगा और किन कारोबारियों पर इसका असर पड़ेगा।
सरकार ने 14 सितंबर को RuPay डेबिट कार्ड और 2000 रुपये से ज्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लगाने से जुड़ी अधिसूचना जारी की है। इसके बाद अब UPI पेमेंट पर चार्ज लगाने का रास्ता साफ हो गया है। NPCI की UPI और Services Steering Committee इस पर अंतिम फैसला लेगी। इस कमेटी में बैंक, पेमेंट कंपनियां और इंडस्ट्री से जुड़े संगठन शामिल हैं।
छोटे पेमेंट पर नहीं पड़ेगा असर
माना जा रहा है कि आम ग्राहकों और छोटे दुकानदारों पर इसका असर बहुत कम होगा। शुरुआती संकेतों के मुताबिक, 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर करीब 0.4 फीसदी तक MDR लगाया जा सकता है। इसका मतलब है कि रोजमर्रा के छोटे पेमेंट जैसे किराना सामान, ऑटो, कैब या छोटे खर्चों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
हालांकि, बड़े मर्चेंट और ज्यादा रकम वाले ट्रांजैक्शन पर MDR लागू हो सकता है। यह भी तय किया जाएगा कि इस चार्ज को कौन वहन करेगा और इसे बैंक, पेमेंट ऐप और पेमेंट एग्रीगेटर्स के बीच कैसे बांटा जाएगा।
क्रेडिट कार्ड की तरह लग सकता है चार्ज
अभी क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर मर्चेंट से करीब 1 से 3 फीसदी तक MDR लिया जाता है। वहीं डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर यह चार्ज लगभग 0.8 से 0.9 फीसदी तक होता है। आमतौर पर यह खर्च दुकानदार या व्यापारी उठाते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 96 फीसदी UPI ट्रांजैक्शन MDR के दायरे से बाहर रह सकते हैं। केवल बड़े मर्चेंट और ज्यादा वैल्यू वाले पेमेंट पर इसका असर पड़ने की संभावना है।
UPI को फ्री रखने के लिए 2020 में बदला था नियम
इससे पहले, 2020 से पहले डेबिट कार्ड पेमेंट पर MDR लागू था। UPI मर्चेंट पेमेंट पर भी एक तय सीमा तक चार्ज लिया जाता था। लेकिन डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 2020 में सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर MDR को खत्म कर दिया था।
अब नए बदलाव के तहत सरकार और NPCI बड़े लेनदेन पर सीमित MDR लागू करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बनाए रखने में मदद मिल सके।
कितनी कमाई हो सकती है?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर 0.25 फीसदी से 0.50 फीसदी तक MDR लगाया जाता है तो बड़े UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन से सालाना करीब 15 हजार करोड़ रुपये से 30 हजार करोड़ रुपये तक का राजस्व मिल सकता है।
फिलहाल अंतिम फैसला NPCI की कमेटी करेगी। इसके बाद ही साफ होगा कि UPI पर कितना चार्ज लगेगा और किन लोगों या कारोबारियों को इसका भुगतान करना होगा।