UPI MDR Explained: नए फ्रेमवर्क के 6 बड़े Myths का जानिए जवाब
UPI के नए MDR फ्रेमवर्क को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच Startup Policy Forum ने छह बड़े भ्रमों पर सफाई दी है। संगठन के अनुसार, आम ग्राहकों के लिए UPI फ्री रहेगा और MDR का असर सिर्फ तय मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा। छोटे कारोबारियों को भी राहत देने की बात कही गई है।

In Short
- UPI MDR को लेकर Startup Policy Forum ने 6 बड़े भ्रम दूर किए, ग्राहकों के लिए UPI फ्री रहने की बात कही।
- ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR लागू होने की जानकारी दी गई, जिसका भुगतान मर्चेंट करेंगे।
- छोटे दुकानदारों और UPI AutoPay व पर्सन टू पर्सन ट्रांसफर पर असर नहीं पड़ने की बात कही गई।
UPI के नए Merchant Discount Rate (MDR) फ्रेमवर्क को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच Startup Policy Forum (SPF) ने एक अखबार विज्ञापन के जरिए UPI MDR से जुड़े छह आम भ्रमों को दूर करने की कोशिश की है। विज्ञापन में फिनटेक और पेमेंट इंडस्ट्री से जुड़े कई अधिकारियों के बयान भी शामिल किए गए हैं।
1) क्या UPI अब ग्राहकों के लिए फ्री नहीं रहेगा?
SPF के अनुसार, आम ग्राहकों के लिए UPI पेमेंट अभी भी फ्री रहेगा। प्रस्तावित 0.4% MDR सिर्फ ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर लागू होगा और इसका भुगतान मर्चेंट को करना होगा।
विज्ञापन में बताया गया है कि MDR ग्राहकों से लिया जाने वाला सीधा चार्ज नहीं है, बल्कि यह मर्चेंट ट्रांजैक्शन से जुड़ी फीस है।
Pine Labs के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अमरीश राउ ने कहा कि UPI पर MDR आने से फिनटेक कंपनियों के लिए एक स्थायी रेवेन्यू मॉडल तैयार हो सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
2) क्या मर्चेंट इसका बोझ ग्राहकों पर डालेंगे?
SPF ने कहा कि मर्चेंट सीधे तौर पर MDR का चार्ज ग्राहकों से नहीं ले सकते। साथ ही, जिन मर्चेंट की मासिक प्राप्ति ₹1 लाख तक है, उन्हें MDR नहीं देना होगा।
BharatPe के CEO नलिन नेगी ने कहा कि नया MDR फ्रेमवर्क ग्राहकों के लिए UPI को फ्री रखते हुए पेमेंट सिस्टम को ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाने की दिशा में कदम है।
3) छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडर्स पर क्या असर होगा?
विज्ञापन के अनुसार, छोटे दुकानदारों को जीरो MDR लिमिट के जरिए सुरक्षा दी जाएगी। इसका असर मुख्य रूप से तय सीमा से ऊपर के बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर होगा।
Fam के को-फाउंडर संभव जैन ने कहा कि यह कदम खास तरह के बड़े ट्रांजैक्शन को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे आम यूजर्स प्रभावित नहीं होंगे।
4) क्या MDR सरकार का टैक्स है?
SPF ने साफ किया कि MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है। विज्ञापन के अनुसार, इससे मिलने वाला रेवेन्यू UPI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
Vartis Platforms और LenDenClub के CEO व को-फाउंडर भाविन पटेल ने कहा कि भारत का पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसे लंबे समय तक बिना किसी आर्थिक मॉडल के चलाना मुश्किल है।
5) क्या फैमिली ट्रांसफर और UPI AutoPay पर लगेगा चार्ज?
विज्ञापन में कहा गया है कि व्यक्ति से व्यक्ति को पैसे भेजने वाले ट्रांसफर और UPI AutoPay पहले की तरह फ्री रहेंगे। MDR का फोकस सिर्फ तय मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर रहेगा।
Stashfin की को-फाउंडर श्रुति अग्रवाल ने कहा कि लंबे समय तक UPI की मजबूती के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी और भरोसेमंद सिस्टम में निवेश जरूरी है।
6) क्या MDR विदेशी दबाव में लाया गया?
SPF ने कहा कि MDR का उद्देश्य घरेलू UPI सिस्टम को मजबूत बनाना है, न कि किसी विदेशी दबाव का नतीजा। Jar के फाउंडर और CEO निशचय अग्रवाल ने कहा कि MDR से UPI को आर्थिक मूल्य मिलेगा और इससे निवेश व इनोवेशन को बढ़ावा मिल सकता है।
MobiKwik के को-फाउंडर, MD और CEO बिपिन प्रीत सिंह ने कहा कि UPI ने भारत के पेमेंट सिस्टम को बदल दिया है, लेकिन आगे की ग्रोथ के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और इनोवेशन में लगातार निवेश जरूरी है।