UPI Payment New Rules: नहीं लगेगा 0.4% MDR चार्ज, दिवाली तक व्यापारियों को बड़ी राहत, जानें नया अपडेट

त्योहारी सीजन में यूपीआई से पेमेंट लेने वाले व्यापारियों को राहत मिली है। सरकार ने चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर 15 अक्टूबर से लागू होने वाला MDR चार्ज दिवाली के बाद तक टाल दिया है। जानिए 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर कितना चार्ज तय था और किन दुकानदारों को मिलेगी छूट।

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In Short

  • चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर MDR चार्ज लगाने का फैसला दिवाली के बाद तक टला।
  • 2000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.40% MDR का था प्रस्ताव।
  • छोटे दुकानदारों को राहत, 5 कैटेगरी में सिर्फ 5 रुपये MDR तय।

By Sonam:

त्योहारी सीजन के बीच यूपीआई (UPI) से पेमेंट लेने वाले व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर आई है. सरकार ने चुनिंदा यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है. यह चार्ज 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे दिवाली के बाद लागू किया जाएगा. नई तारीख की जानकारी अलग से दी जाएगी.

दिवाली के बाद लागू होगा नया चार्ज

यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने त्योहारी सीजन को देखते हुए यह फैसला लिया है. इसके तहत चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर MDR फिलहाल नहीं लगाया जाएगा. यानी त्योहारों के दौरान व्यापारियों को इस चार्ज से राहत मिलेगी.

दरअसल, दिवाली, दशहरा और नवरात्रि जैसे त्योहार कारोबारियों के लिए बिक्री बढ़ाने का अहम मौका होते हैं. ऐसे में चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) लगातार MDR लागू करने का फैसला टालने की मांग कर रहा था. अब NPCI की कमेटी ने इसे दिवाली के बाद तक टाल दिया है.

2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर कितना चार्ज?

14 सितंबर 2026 को यूपीआई MDR का नया फ्रेमवर्क जारी किया गया था. इसके अगले दिन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इसका पूरा सर्कुलर जारी किया था. नए नियम 15 अक्टूबर से लागू होने वाले थे.

Image Credit : Aaj Tak

इस फ्रेमवर्क के मुताबिक, 2000 रुपये से कम के यूपीआई लेनदेन पर कोई MDR नहीं रखा गया था. वहीं, 2000 रुपये से ज्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट पेमेंट पर 0.40 फीसदी MDR तय किया गया था. अलग-अलग कैटेगरी के लिए 5 रुपये से 300 रुपये तक का चार्ज भी निर्धारित किया गया था.

छोटे दुकानदारों को भी मिलेगी राहत

नए फ्रेमवर्क में छोटे व्यापारियों के लिए भी खास राहत का प्रावधान किया गया है. ऐसे दुकानदार, जो अपनी दुकान पर लगे QR कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये तक का पेमेंट लेते हैं, उन्हें जीरो MDR वाली कैटेगरी में रखा गया है.

इसके अलावा कुछ खास सेक्टर्स को भी MDR से राहत देने का प्रावधान किया गया है, ताकि यूपीआई पेमेंट लेने वाले छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.

इन 5 कैटेगरी में सिर्फ 5 रुपये चार्ज

NPCI के सर्कुलर के मुताबिक, पांच तरह के यूपीआई पेमेंट को फ्लैट रेट मॉडल में रखा गया है. इनमें पेट्रोल पंप, रेलवे, इंश्योरेंस प्रीमियम, टेलीकॉम सर्विस और बिजली-पानी जैसे यूटिलिटी बिलों का भुगतान शामिल है.

इन कैटेगरी में ट्रांजैक्शन कितना भी बड़ा क्यों न हो, MDR सिर्फ 5 रुपये तय किया गया है. यानी 2000 रुपये या 10,000 रुपये से ज्यादा का पेमेंट करने पर भी चार्ज समान रहेगा. फिलहाल चुनिंदा ट्रांजैक्शन पर नए MDR की शुरुआत दिवाली के बाद तक टल गई है.

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