UK यूनिवर्सिटीज का नया दांव, विदेशी छात्रों को 8000 पाउंड तक फीस छूट देकर बढ़ा रहीं दाखिले की कोशिश
ब्रिटेन की कई यूनिवर्सिटीज विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के लिए ट्यूशन फीस में हजारों पाउंड की छूट दे रही हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 22 यूनिवर्सिटीज ऑटोमैटिक डिस्काउंट दे रही हैं। वीजा नियमों और घटते दाखिलों के बीच यह कदम यूनिवर्सिटीज की आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

In Short
- फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन की 22 यूनिवर्सिटीज विदेशी पोस्टग्रेजुएट छात्रों को ऑटोमैटिक फीस डिस्काउंट दे रही हैं।
- कुछ यूनिवर्सिटीज में ट्यूशन फीस पर मिलने वाली छूट 8000 पाउंड तक पहुंच रही है।
- वीजा नियमों में बदलाव के बाद पोस्टग्रेजुएट छात्रों के दाखिले दो साल में 17 प्रतिशत घटे हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन की कई यूनिवर्सिटीज विदेशी छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ट्यूशन फीस में बड़ी छूट दे रही हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ संस्थान पोस्टग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों को बिना अलग आवेदन के ही हजारों पाउंड की फीस छूट दे रहे हैं। वीजा नियमों में बदलाव और विदेशी छात्रों की घटती संख्या के बीच यूनिवर्सिटीज का यह कदम सामने आया है।
22 यूनिवर्सिटीज दे रहीं अपने आप फीस में छूट
फाइनेंशियल टाइम्स ने एस स्क्वेयर्ड इनसाइट्स की 90 यूनिवर्सिटीज की समीक्षा के हवाले से बताया कि कम से कम 22 यूनिवर्सिटीज पोस्टग्रेजुएट टॉट स्टूडेंट्स को ऑटोमैटिक ट्यूशन फीस डिस्काउंट दे रही हैं।
इन यूनिवर्सिटीज में छात्रों को अलग से स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। फीस में छूट सीधे जोड़ दी जाती है। कुछ संस्थानों में यह छूट 8000 पाउंड तक पहुंच रही है।
वीजा नियमों से विदेशी छात्रों की संख्या में गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में ज्यादातर विदेशी छात्र पोस्टग्रेजुएट कोर्स की पढ़ाई के लिए आते हैं। लेकिन 2024 में परिवार के सदस्यों को साथ लाने पर रोक और वीजा नियमों में बदलाव के बाद पोस्टग्रेजुएट छात्रों की संख्या पर असर पड़ा है।
मार्च तक के दो साल में पोस्टग्रेजुएट एनरोलमेंट यानी दाखिले 17 प्रतिशत घटे हैं। इससे विदेशी छात्रों की फीस पर निर्भर यूनिवर्सिटीज के सामने आर्थिक चुनौती बढ़ गई है।
विदेशी छात्रों की फीस से होती है बड़ी कमाई
फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक इंग्लैंड में पोस्टग्रेजुएट टॉट स्टूडेंट्स से मिलने वाली ट्यूशन फीस 2024-25 में करीब 5 अरब पाउंड रही, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 5.5 अरब पाउंड था।
ऐसे में विदेशी छात्रों को बनाए रखने के लिए यूनिवर्सिटीज फीस में छूट और स्कॉलरशिप जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं।
नॉटिंघम और एबरडीन यूनिवर्सिटी ने शुरू की छूट योजना
रिपोर्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम में 2026 में पोस्टग्रेजुएट टॉट कोर्स में दाखिला लेने वाले विदेशी छात्रों को अपने आप 3000 पाउंड की स्कॉलरशिप मिलेगी। इसके लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन ने पिछले साल विदेशी पोस्टग्रेजुएट छात्रों के लिए 8000 पाउंड की स्कॉलरशिप शुरू की थी। यह रकम सीधे छात्रों की ट्यूशन फीस में कम हो जाती है।
फीस कम करने की रणनीति पर उठे सवाल
एस स्क्वेयर्ड इनसाइट्स के डायरेक्टर जूलियन वेस्टवुड ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज छोटी स्कॉलरशिप योजनाओं से हटकर बड़े स्तर पर आसान डिस्काउंट देने की तरफ बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि अगर विदेशी छात्रों की संख्या घटती है और हर छात्र से मिलने वाली फीस भी कम हो जाती है तो कुछ यूनिवर्सिटीज की आर्थिक योजनाओं पर दबाव बढ़ सकता है।
डिग्री की जगह फीस के आधार पर बढ़ सकता है मुकाबला
द ब्रांड एजुकेशन की फाउंडर ज़ीनत फयाज ने कहा कि यह कदम यूनिवर्सिटीज के बीच प्राइस वॉर को बढ़ा सकता है। इससे मुकाबला यूनिवर्सिटी की गुणवत्ता और पहचान के बजाय सिर्फ फीस के आधार पर होने का खतरा है।
उन्होंने कहा कि कुछ बड़ी यूनिवर्सिटीज स्कॉलरशिप देने के साथ-साथ एडमिशन के लिए ग्रेड रिक्वायरमेंट भी कम कर रही हैं, जिससे यह सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।