रुपये को अपने हाल पर छोड़ देना चाहिए? डॉलर के मुकाबले 6% गिरावट के बीच उदय कोटक ने दी बड़ी सलाह

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में लगातार गिरावट के बीच अरबपति बैंकर उदय कोटक ने एक अहम सलाह दी है। उनका मानना है कि रुपये की कीमत तय करने में बाजार की भूमिका होनी चाहिए। ब्लूमबर्ग के एक कार्यक्रम में उन्होंने RBI की भूमिका और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को लेकर भी अपनी राय रखी। जानिए उन्होंने ऐसा क्यों कहा।

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डॉलर के आगे रुपया कमजोर, कोटक ने क्या कहा?
डॉलर के आगे रुपया कमजोर, कोटक ने क्या कहा?

In Short

  • उदय कोटक ने रुपये की कीमत बाजार के हिसाब से तय होने देने की सलाह दी।
  • इस साल डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया करीब 6% कमजोर हुआ।
  • कोटक ने भारत को आत्मनिर्भरता, रिसर्च और इनोवेशन बढ़ाने की सलाह दी।

By Shakshi:

भारतीय रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसकी कीमत में गिरावट देखने को मिल रही है। इस बीच देश के अरबपति बैंकर और कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने रुपये को लेकर बड़ी बात कही है। उनका मानना है कि रुपये की कीमत बाजार के हिसाब से तय होने देनी चाहिए। इससे समय के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की असली मजबूती सामने आएगी।

रुपये को लेकर उदय कोटक ने क्या कहा?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में उदय कोटक ने कहा कि उनकी निजी राय है कि रुपये को अपना स्तर खुद तय करने देना चाहिए।

उन्होंने कहा, "मेरा व्यक्तिगत मानना है कि हमें रुपये को अपना स्तर खुद तलाशने देना चाहिए और समय के साथ अर्थव्यवस्था की असली ताकत सामने आएगी।"

कोटक के मुताबिक, अगर बाजार को यह स्पष्ट नहीं होता कि नीति निर्माता रुपये को किस स्तर पर बनाए रखना चाहते हैं, तो बाजार में लगातार अटकलें लगती रहेंगी।

इस साल डॉलर के मुकाबले करीब 6% गिरा रुपया

रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही लंबे समय से प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है और भारतीय रुपये पर भी दबाव पड़ा है।

इस साल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 6% कमजोर हो चुका है।

रुपये में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने प्रयास तेज किए हैं। हालांकि, केंद्रीय बैंक पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसका मकसद रुपये को किसी खास स्तर पर बनाए रखना नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकना है।

भारत को किन क्षेत्रों में मजबूत होने की जरूरत?

उदय कोटक ने कहा कि वैश्विक स्तर पर निवेश के प्रवाह में हो रहे बदलाव भारत के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हैं। देश को अपनी आर्थिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, कामकाज में दक्षता लाने और घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनने के साथ रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में भी ज्यादा मजबूत होना होगा।

कितनी है उदय कोटक की संपत्ति?

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, उदय कोटक भारत के सबसे अमीर बैंकर हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 15.8 अरब डॉलर है। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा कोटक महिंद्रा बैंक में उनकी 26% हिस्सेदारी से आता है। संपत्ति के आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक देश का चौथा सबसे बड़ा निजी बैंक है।

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