Truecaller की भारत में बढ़ी मुश्किलें, टैक्स विभाग के आदेश को देगी चुनौती, जानें क्या है पूरा मामला

भारत में Truecaller टैक्स विवाद में घिर गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टैक्स अधिकारियों के एक आदेश से कंपनी पर करीब 270 मिलियन स्वीडिश क्रोना का अतिरिक्त टैक्स और ब्याज बन सकता है। Truecaller ने इन दावों को गलत बताते हुए अपील करने का फैसला किया है। कंपनी भारत और स्वीडन के टैक्स अधिकारियों के बीच बातचीत से समाधान चाहती है।

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Truecaller पर भारत में बड़ा टैक्स विवाद, 270 मिलियन स्वीडिश क्रोना के मामले में कंपनी देगी चुनौती
Truecaller पर भारत में बड़ा टैक्स विवाद, 270 मिलियन स्वीडिश क्रोना के मामले में कंपनी देगी चुनौती

In Short

  • Truecaller भारत में टैक्स विभाग के आदेश को चुनौती देगी।
  • करीब 270 मिलियन स्वीडिश क्रोना के अतिरिक्त टैक्स और ब्याज का मामला।
  • भारत और स्वीडन के बीच समाधान की प्रक्रिया में 2–3 साल लग सकते हैं।

By BT बाज़ार डेस्क:

कॉलर की पहचान बताने वाली लोकप्रिय ऐप Truecaller भारत में टैक्स से जुड़े विवाद का सामना कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टैक्स अधिकारियों ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए कंपनी के खिलाफ एक आदेश जारी किया है, जिसके आधार पर करीब 270 मिलियन स्वीडिश क्रोना का अतिरिक्त टैक्स और ब्याज बन सकता है। हालांकि, Truecaller ने इन दावों को गलत बताया है और आदेश के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है।

आखिर किस बात को लेकर है टैक्स विवाद?

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह मामला ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़ा है। आसान भाषा में समझें तो जब एक ही कंपनी की अलग-अलग देशों में मौजूद इकाइयां आपस में कारोबार करती हैं, तो उनके बीच कमाई और खर्च का बंटवारा कैसे होता है, इसे ट्रांसफर प्राइसिंग कहा जाता है।

भारतीय टैक्स अधिकारियों ने Truecaller की अलग-अलग देशों में मौजूद कंपनियों के बीच कमाई के बंटवारे पर सवाल उठाए हैं।

वहीं, Truecaller का कहना है कि उसकी टैक्स से जुड़ी नीतियां नियमों के मुताबिक हैं और बाहरी विशेषज्ञों ने भी उनकी जांच की है।

कुल टैक्स दावा कितना हो सकता है?

Truecaller के मुताबिक, अगर टैक्स अधिकारियों की यही गणना वित्त वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक लागू की जाती है, तो कुल संभावित टैक्स और ब्याज की रकम करीब 900 मिलियन स्वीडिश क्रोना हो सकती है।

हालांकि, सभी जांच वाले वर्षों के लिए कंपनी ने शुद्ध संभावित टैक्स और ब्याज का असर करीब 550 मिलियन स्वीडिश क्रोना बताया है।

ये फिलहाल संभावित आंकड़े हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी को पूरी रकम चुकाने का अंतिम आदेश मिल चुका है।

भारत और स्वीडन के बीच बातचीत से निकलेगा समाधान?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, Truecaller भारतीय टैक्स ट्रिब्यूनल और अदालतों में इस आदेश को चुनौती देगी।

इसके अलावा कंपनी भारत और स्वीडन के टैक्स अधिकारियों के बीच म्यूचुअल एग्रीमेंट प्रोसीजर (MAP) भी शुरू करेगी। इसका मकसद एक ही कमाई पर दो देशों में टैक्स लगने की समस्या को दूर करना है।

कंपनी के मुताबिक, इस प्रक्रिया में करीब दो से तीन साल लग सकते हैं। Truecaller को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच बातचीत से विवाद का समाधान निकलेगा और अगर आखिर में कोई टैक्स देना पड़ा, तो वह शुरुआती दावे से काफी कम होगा।

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