Tata Sons AGM पहली बार हुई स्थगित; जानें पूरा मामला
टाटा संस की वार्षिक आम बैठक पहली बार कोरम पूरा नहीं होने की वजह से टल गई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सर रतन टाटा ट्रस्ट प्रतिनिधि नियुक्त नहीं कर पाया, जिससे जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब कंपनी को नई तारीख तय करनी होगी।

In Short
- टाटा संस की AGM पहली बार कोरम पूरा नहीं होने के कारण स्थगित हुई
- सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट का प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हो पाया
- बोर्ड अब AGM की नई तारीख तय करने को लेकर फैसला करेगा
टाटा संस की 108वीं वार्षिक आम बैठक 18 अगस्त को कोरम पूरा नहीं होने की वजह से स्थगित कर दी गई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह स्थिति सर रतन टाटा ट्रस्ट पर लगी नियामकीय पाबंदियों के कारण बनी, जिसके चलते ट्रस्ट अपना प्रतिनिधि बैठक में नहीं भेज पाया। टाटा समूह के इतिहास में पहली बार वार्षिक आम बैठक को इस कारण से टालना पड़ा है।
सर रतन टाटा ट्रस्ट प्रतिनिधि नहीं भेज पाया
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सर रतन टाटा ट्रस्ट पर चैरिटी कमिश्नर की जांच के चलते कुछ नियामकीय सीमाएं लागू हैं। यह जांच कई दशक पुराने शेयर ट्रांसफर मामले से जुड़ी है। इन पाबंदियों की वजह से ट्रस्ट आंतरिक बैठक नहीं कर पाया और टाटा संस की AGM के लिए अपना प्रतिनिधि नामित नहीं कर सका।
सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट मिलकर टाटा संस में करीब 51.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। प्रतिनिधि की गैरमौजूदगी के कारण बैठक के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं हो पाया और इसे स्थगित करना पड़ा।
आधे घंटे बाद टली बैठक
वार्षिक आम बैठक मंगलवार को दोपहर 2:30 बजे तय समय पर शुरू हुई थी, लेकिन करीब आधे घंटे बाद 3 बजे इसे स्थगित कर दिया गया। टाटा संस के निवर्तमान चेयरमैन एन चंद्रशेखरन मुंबई के बॉम्बे हाउस में मौजूद थे।
बैठक में बोर्ड सदस्य सौरभ अग्रवाल और अनिता मरांगोली जॉर्ज भी शामिल हुए। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, AGM का एजेंडा टाटा संस के वित्तीय नतीजों को मंजूरी देना, डिविडेंड घोषित करना और एन चंद्रशेखरन को बोर्ड डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त करना था।
टाटा समूह में चेयरमैन बदलाव की तैयारी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एन चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल के लिए चेयरमैन पद नहीं संभालने के फैसले के बाद टाटा समूह नए नेतृत्व की तलाश कर रहा है। चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी में खत्म होने वाला है और उनके फैसले से समूह में नेतृत्व बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने नए चेयरमैन की तलाश के लिए चयन समिति बनाने को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस समिति में संयुक्त प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए सर रतन टाटा ट्रस्ट की बैठक भी जरूरी होगी।
कई बड़े नाम ऑनलाइन जुड़े
टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने AGM में ऑनलाइन हिस्सा लिया। इसके अलावा हरीश मनवानी और वेणु श्रीनिवासन भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।टाटा समूह के पूर्व अधिकारी मेहली मिस्त्री भी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मेहली मिस्त्री की कई टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति के प्रस्ताव पहले वोट के जरिए खारिज किए जा चुके हैं। वह दिवंगत टाटा संस चेयरमैन रतन टाटा की वसीयत के कार्यपालक के तौर पर बैठक में जुड़े थे।
अब नई तारीख पर होगा फैसला
AGM स्थगित होने के बाद अब टाटा संस का बोर्ड आगे की प्रक्रिया तय करेगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ा सवाल यह है कि सर रतन टाटा ट्रस्ट की नियामकीय स्थिति स्पष्ट होने के बाद बैठक दोबारा कब बुलाई जाएगी और कंपनी की जरूरी प्रक्रियाएं कब पूरी होंगी।