टाटा ग्रुप में लीडरशिप विवाद के बीच सरकार को आश्वासन, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट रहेंगे जारी

टाटा ग्रुप के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट को लेकर सरकार को भरोसा मिला है कि बोर्डरूम विवाद के बावजूद काम तय समय पर जारी रहेगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के धोलेरा चिप प्लांट और असम की टेस्टिंग फैसिलिटी सहित कंपनी की बड़ी योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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In Short

  • टाटा ग्रुप के $14 बिलियन के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट तय योजना के अनुसार जारी रहेंगे।
  • गुजरात के धोलेरा में बन रहे चिप प्लांट में ऑटो, मोबाइल और कंप्यूटिंग सेक्टर के लिए चिप्स तैयार किए जाएंगे।
  • - टाटा असम में भी $3 बिलियन की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग फैसिलिटी बना रहा है।

By BT बाज़ार डेस्क:

टाटा ग्रुप में चल रहे बोर्डरूम विवाद के बीच भारत सरकार को कंपनी के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट को लेकर भरोसा मिला है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ग्रुप ने सरकार को आश्वासन दिया है कि करीब $14 बिलियन के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट तय योजना के अनुसार आगे बढ़ते रहेंगे।

गुजरात चिप प्लांट का काम तय समय पर जारी रहेगा

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की गुजरात में चिप फैब्रिकेशन प्लांट बनाने की योजना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग विस्तार का काम तय समय के अनुसार जारी रहेगा। मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, कंपनी की इन परियोजनाओं पर बोर्डरूम विवाद का असर नहीं पड़ेगा।

भारत सरकार के लिए यह राहत की बात है क्योंकि सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को देश की औद्योगिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

टाटा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ा रहा निवेश

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला कमर्शियल सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट बना रहा है। यह प्रोजेक्ट ताइवान की Powerchip Semiconductor Manufacturing Corp के साथ साझेदारी में तैयार किया जा रहा है।

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करीब $11 बिलियन के इस प्रोजेक्ट में ऑटोमोबाइल, मोबाइल, कंप्यूटिंग और कम्युनिकेशन सेक्टर के लिए चिप्स बनाए जाएंगे। इसमें 300 मिलीमीटर वेफर्स का इस्तेमाल होगा और 28nm से 110nm नोड्स तक की चिप टेक्नोलॉजी शामिल होगी।

असम में भी बन रही सेमीकंडक्टर फैसिलिटी

टाटा ग्रुप असम में करीब $3 बिलियन का सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग प्लांट भी तैयार कर रहा है। इस फैसिलिटी का उद्देश्य हर साल अरबों चिप्स की पैकेजिंग और टेस्टिंग करना है।

इसके जरिए टाटा सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के अलग-अलग हिस्सों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।

टाटा संस विवाद के बीच सरकार की चिंता

यह भरोसा ऐसे समय मिला है जब टाटा संस में चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के दोबारा नियुक्ति और कंपनी की लिस्टिंग को लेकर विवाद चल रहा है।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के जरिए पिछले हफ्ते यह बातचीत हुई थी। सरकार को चिंता थी कि टाटा संस के अंदर चल रहा विवाद इन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की समयसीमा को प्रभावित कर सकता है।

Apple के लिए भी अहम मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में Apple के लिए भी एक अहम मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर बन चुका है। कंपनी ने Wistron के भारत ऑपरेशन को बेंगलुरु में खरीदा था और तमिलनाडु व कर्नाटक में अपनी क्षमता बढ़ा रही है।

हाल ही में हुए Semicon India 2026 कार्यक्रम में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने Fujifilm और अन्य ग्लोबल सप्लायर्स के साथ समझौते किए हैं। इनका उद्देश्य धोलेरा प्लांट के लिए जरूरी मटेरियल, उपकरण और एडवांस पैकेजिंग क्षमताओं को मजबूत करना है।

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