तमिलनाडु में दूध उत्पादकों को बड़ी राहत; आविन ने बढ़ाया खरीद मूल्य, अब 41 रुपये प्रति लीटर मिलेगा भाव

तमिलनाडु सरकार ने दूध उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए आविन दूध की खरीद कीमत बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर कर दी है। इस फैसले से 3.16 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा मिलेगा। सरकार ने बढ़ती लागत और डेयरी किसानों की मेहनत को देखते हुए यह कदम उठाया है।

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In Short

  • तमिलनाडु में आविन दूध की खरीद कीमत 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर की गई
  • फैसले से 3.16 लाख दूध उत्पादकों को मिलेगा फायदा सरकार पर बढ़ेगा 360 करोड़ रुपये सालाना खर्च
  • दूध किसानों की बढ़ती लागत और मेहनत को देखते हुए सरकार ने बढ़ाई कीमत

By Gaurav Kumar:

तमिलनाडु सरकार ने दूध उत्पादकों के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने विधानसभा में ऐलान किया कि राज्य में सरकारी डेयरी कंपनी आविन के जरिए खरीदे जाने वाले दूध की कीमत 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इस फैसले से लाखों दूध उत्पादकों को सीधा फायदा मिलेगा और सरकार पर हर महीने 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

3.16 लाख दूध उत्पादकों को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की प्राथमिक दूध सहकारी समितियों के जरिए खरीदे जाने वाले दूध का खरीद मूल्य बढ़ाया गया है। इसमें 3 रुपये प्रति लीटर की सरकारी इंसेंटिव राशि भी शामिल होगी। इस फैसले से तमिलनाडु के करीब 3.16 लाख दूध उत्पादकों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 8,800 डेयरी सहकारी समितियों के जरिए दूध की सप्लाई होती है। सरकार रोजाना करीब 34 लाख लीटर दूध खरीदती है, जिसमें से 31 लाख लीटर दूध उपभोक्ताओं को बेचा जाता है। इस बढ़ी हुई कीमत से डेयरी किसानों की आमदनी में सुधार आने की उम्मीद है।

पशु चारा और मजदूरी बढ़ने से लिया फैसला

सरकार ने बताया कि पिछले कुछ समय में पशुओं के चारे और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ी है। ऐसे में दूध उत्पादकों को उनकी मेहनत का सही मूल्य देने के लिए खरीद कीमत बढ़ाने का फैसला किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी किसान सुबह करीब 3 बजे से ही काम शुरू कर देते हैं और उनकी मेहनत को देखते हुए यह फैसला जरूरी था। इससे किसानों को बढ़ती लागत के बीच आर्थिक राहत मिलेगी।

नवंबर 2022 से 38 रुपये था खरीद मूल्य

इससे पहले 1 नवंबर 2022 से आविन दूध का खरीद मूल्य 38 रुपये प्रति लीटर तय था। इसमें 35 रुपये बेस प्राइस और 3 रुपये राज्य सरकार की इंसेंटिव राशि शामिल थी।

अब नई व्यवस्था में सहकारी समितियों की ओर से 1 रुपये और सरकार की इंसेंटिव राशि में 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यानी कुल मिलाकर दूध उत्पादकों को 3 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त फायदा मिलेगा।

सरकार पर बढ़ेगा सालाना 360 करोड़ रुपये का खर्च

मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने बताया कि दूध खरीद कीमत बढ़ाने के बाद राज्य सरकार पर हर महीने करीब 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। सालाना आधार पर यह खर्च करीब 360 करोड़ रुपये होगा।

सरकार का कहना है कि यह फैसला दूध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य देने के उद्देश्य से लिया गया है।

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