Swiggy की बढ़ी मुश्किलें! डिस्काउंट देकर ग्राहक जुटाने की रणनीति पड़ी भारी, Instamart का घाटा बढ़ा
Swiggy के लिए क्विक कॉमर्स का कारोबार नई चुनौती बनता जा रहा है। ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनी ने अपनी पुरानी रणनीति बदली, लेकिन इसका असर नतीजों और शेयर बाजार में दिखाई दिया। Blinkit से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अब निवेशकों की नजर कंपनी के अगले कदम पर है। जानिए पूरा मामला।

In Short
- डिस्काउंट बढ़ाने से इंस्टामार्ट के ऑर्डर बढ़े, लेकिन तिमाही घाटा 895 करोड़ रुपये पहुंचा।
- Blinkit की नेट ऑर्डर वैल्यू 79% बढ़ी, जबकि इंस्टामार्ट की ग्रोथ 35% रही।
- तिमाही नतीजों के बाद स्विगी का शेयर 16% से ज्यादा गिरकर 176.70 रुपये पर बंद हुआ।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी के सामने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कंपनी ज्यादा ग्राहक जोड़ने और कारोबार बढ़ाने के लिए डिस्काउंट का सहारा ले रही है, लेकिन इससे मुनाफे की राह मुश्किल होती दिख रही है। खासकर इंस्टामार्ट के बढ़ते घाटे और Blinkit से कड़ी टक्कर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
डिस्काउंट से बढ़े ऑर्डर, लेकिन घाटा भी बढ़ा
स्विगी ने पहले कहा था कि वह ज्यादा डिस्काउंट देकर कारोबार बढ़ाने की होड़ में शामिल नहीं होगी। हालांकि, सितंबर तिमाही में कंपनी ने अपनी रणनीति बदली और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कीमतों में छूट बढ़ाई।
इसका फायदा भी मिला। इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 13.4% बढ़कर 6,594 करोड़ रुपये पहुंच गई। लेकिन ऑर्डर वैल्यू में डिस्काउंट की हिस्सेदारी 26% से बढ़कर 29% हो गई। वहीं, Instamart का एडजस्टेड EBITDA घाटा 778 करोड़ रुपये से बढ़कर 895 करोड़ रुपये पहुंच गया।
Blinkit से लगातार पिछड़ रहा Instamart
क्विक कॉमर्स बाजार में Blinkit और इंस्टामार्ट के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है। सितंबर तिमाही में Blinkit की नेट ऑर्डर वैल्यू सालाना आधार पर 79% बढ़कर 20,940 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि Instamart की ग्रोथ 35% रही।
Blinkit के पास 3.7 करोड़ मासिक ग्राहक हैं, जबकि इंस्टामार्ट के पास 1.48 करोड़। इस दौरान Blinkit ने 308 नए डार्क स्टोर जोड़े, जबकि इंस्टामार्ट केवल 69 स्टोर जोड़ सका। Blinkit ने 184 करोड़ रुपये का एडजस्टेड EBITDA मुनाफा कमाया।
नतीजों के बाद शेयर में भारी गिरावट
स्विगी का सितंबर तिमाही में कुल नेट लॉस सालाना आधार पर 16% घटकर 922 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 36% बढ़कर 7,571 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, घाटा विश्लेषकों के 871 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा रहा।
नतीजों के बाद शुक्रवार को स्विगी का शेयर 16% से ज्यादा गिरकर 176.70 रुपये पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 174.90 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। नवंबर 2024 के IPO के बाद से शेयर अपनी आधी से ज्यादा वैल्यू गंवा चुका है।
क्या अब घटेगा Instamart का घाटा?
स्विगी का दावा है कि इंस्टामार्ट का घाटा अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है और आने वाली तिमाहियों में इसमें सुधार होगा। कंपनी इन्वेंट्री आधारित मॉडल अपनाने की भी तैयारी कर रही है।
हालांकि, ब्रोकरेज कंपनियों की राय अलग-अलग है। Motilal Oswal को घाटा बढ़ने की आशंका है, जबकि Nirmal Bang सुधार की उम्मीद कर रहा है। ऐसे में निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्विगी आगे कारोबार बढ़ाने पर जोर देगी या मुनाफे को प्राथमिकता देगी।