FL 2027 आलू पर PepsiCo को सुप्रीम कोर्ट से राहत किसान भी बचा सकेंगे बीज दोबारा उगा और आपस में बेच सकेंगे
Lay’s चिप्स में इस्तेमाल होने वाले FL 2027 आलू को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने PepsiCo का रजिस्ट्रेशन बरकरार रखा है। साथ ही कोर्ट ने साफ किया कि व्यक्तिगत किसान इस किस्म के बीज बचा सकते हैं, दोबारा उगा सकते हैं और बिना ब्रांडेड नाम के आपस में बेच भी सकते हैं।

In Short
- सुप्रीम कोर्ट ने FL 2027 आलू की किस्म पर PepsiCo का रजिस्ट्रेशन बरकरार रखा।
- किसान बीज बचा सकते हैं, दोबारा उगा सकते हैं और आपस में बेच सकते हैं।
- किसान FL 2027 को PepsiCo के ब्रांडेड बीज के नाम से नहीं बेच सकेंगे।
Lay’s चिप्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली FL 2027 आलू की किस्म को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा फैसला दिया है जिसमें कंपनी के अधिकार और किसानों के हक दोनों को जगह मिली है। कोर्ट ने PepsiCo के रजिस्ट्रेशन को बरकरार रखा है, लेकिन साथ ही साफ कर दिया है कि व्यक्तिगत किसानों को कानून के तहत बीज बचाने, दोबारा उगाने और बेचने का अधिकार मिलता रहेगा। अब समझते हैं कि कोर्ट ने PepsiCo के रजिस्ट्रेशन और किसानों के अधिकारों पर क्या कहा है।
PepsiCo का FL 2027 रजिस्ट्रेशन रहेगा बरकरार
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया। दिल्ली हाई कोर्ट ने FL 2027 आलू की किस्म पर PepsiCo का रजिस्ट्रेशन बहाल रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस स्थिति को नहीं बदला और मामले का निपटारा कर दिया।
PepsiCo ने बताया था अपना ब्रीडर राइट
PepsiCo का कहना था कि PPVFR Act 2001 के तहत FL 2027 आलू की इस खास किस्म पर उसके ब्रीडर राइट्स यानी विशेष अधिकार हैं। कंपनी की दलील थी कि उसकी अनुमति के बिना इस किस्म की कमर्शियल खेती नहीं की जा सकती। इसी अधिकार को लेकर कंपनी और किसान अधिकारों के बीच विवाद खड़ा हुआ था।
किसान अधिकार कार्यकर्ता ने क्यों दी थी चुनौती
किसान अधिकार कार्यकर्ता कविता कुरुगंती ने PepsiCo के इस रजिस्ट्रेशन को रद्द करने की मांग की थी। उनका मामला इस बात से भी जुड़ा था कि PepsiCo ने पहले गुजरात के किसानों के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा किया था। इसके बाद FL 2027 के रजिस्ट्रेशन और किसानों के अधिकारों को लेकर कानूनी लड़ाई आगे बढ़ी।
किसानों को बीज बचाने और बेचने का पूरा अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि PPVFR Act की धारा 39(1)(iv) के तहत भारत का कोई भी व्यक्तिगत किसान कानूनी कार्रवाई से सुरक्षित है। किसान इस संरक्षित किस्म के बीज या उससे पैदा हुए आलू को अपने पास रख सकते हैं, दोबारा उगा सकते हैं और आपस में बेच भी सकते हैं।
बस ब्रांडेड बीज के नाम से नहीं कर सकेंगे बिक्री
कोर्ट ने किसानों के अधिकार के साथ एक जरूरी शर्त भी साफ की है। किसान FL 2027 किस्म के बीज को PepsiCo के ब्रांडेड बीज के नाम से नहीं बेच सकते। सुनवाई के दौरान PepsiCo ने भी कोर्ट में कहा कि वह किसानों को कानून के तहत मिले इन अधिकारों में दखल नहीं देगा।
कंपनी का अधिकार भी कायम किसानों को भी मिला कानूनी कवच
इस फैसले के बाद FL 2027 पर PepsiCo का रजिस्ट्रेशन बना रहेगा, लेकिन छोटे और व्यक्तिगत किसानों के पारंपरिक कृषि अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। यानी कंपनी को अपनी रजिस्टर्ड वैरायटी पर अधिकार मिला रहेगा, वहीं किसान बीज बचाने, फिर से बोने और बिना ब्रांड नाम के आपस में बेचने के अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।