Semicon 2.0: भारत में बनेंगे 200 चिप डिजाइन स्टार्टअप, लाखों युवाओं को मिलेगा नई टेक्नोलॉजी में मौका
भारत सरकार Semicon 2.0 के तहत देश में चिप सेक्टर को तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सरकार का लक्ष्य कम से कम 200 चिप डिजाइन स्टार्टअप और कंपनियों को आगे बढ़ाना है। इसके साथ ही 1 लाख कुशल कर्मचारियों को तैयार करने की भी योजना है।
In Short
- Semicon 2.0 के तहत भारत में कम से कम 200 Chip Design Startups और कंपनियों का लक्ष्य रखा गया है।
- सरकार भारत में चिप बनाने की पूरी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चिप डिजाइन, निर्माण, रिसर्च और नए लोगों को ट्रेनिंग देने पर ध्यान देगी।
- Semicon 2.0 के तहत 1 लाख कुशल कर्मचारियों, क्लीनरूम स्टाफ और फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
भारत सरकार देश के Semiconductor Ecosystem को और बड़ा करने की तैयारी कर रही है। Electronics and IT Minister Ashwini Vaishnaw ने SEMICON India 2026 के उद्घाटन सत्र में Semicon 2.0 को लेकर सरकार की योजना बताई।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत में कम से कम 200 ऐसी Startups और कंपनियां तैयार करना है जो Chip Design पर काम करें। यह घोषणा 17 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित SEMICON India 2026 के दौरान की गई।
Semicon 1.0 से आगे बढ़ेगा अगला फेस
सरकार के मुताबिक Semicon 1.0 में Talent Development और Semiconductor Ecosystem तैयार करने पर जोर दिया गया था। अब Semicon 2.0 में Chip Design, Manufacturing, Packaging, Research और Talent Development को और आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार Semiconductor Factories के लिए ज्यादा Skilled Workers तैयार करने पर भी ध्यान देगी।
चिप डिजाइन पहला पिलर
Semicon 2.0 के छह Pillars में Chip Design पहला Pillar होगा। Semicon 1.0 के दौरान 105 से ज्यादा Startups ने Chip Design की कोशिश की थी। इनमें करीब 20 कंपनियों को Venture Capital Funding मिली और कुल Funding करीब ₹800 करोड़ रही।
अब सरकार का लक्ष्य अलग-अलग Semiconductor जरूरतों के लिए Chip Design करने वाली कम से कम 200 Startups और कंपनियां तैयार करना है।
चिप मशीनों और फैक्ट्रियों पर फोकस
दूसरे पिलर में मशीन और मटेरियल शामिल हैं। इसमें Capital Equipment, Maintenance Facilities, Chemicals और Gases पर ध्यान दिया जाएगा।
तीसरे पिलर के तहत Display, Memory, Silicon, Compound और Logic Fabrication Units की संख्या बढ़ाने की योजना है।
चौथा Pillar Advanced Packaging को Scale करने से जुड़ा है। इसके तहत उडिसा में तैयार हो रही 3D Packaging Facility को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
रिसर्च और कंपनियों के साथ साझेदारी पर जोर
पांचवां Pillar Industry Driven Applied Research and Development पर केंद्रित होगा। इसके लिए कंपनियों और Academic Institutions के बीच Collaboration पर जोर दिया जाएगा।
Ashwini Vaishnaw ने Industry Participants से ऐसे Projects के सुझाव देने के लिए भी कहा है।
1 लाख Semiconductor Technicians का लक्ष्य
Semicon 2.0 के छठे Pillar में Talent Development शामिल है। Semicon 1.0 के तहत सरकार ने 10 साल में 85,000 Design Engineers को Train करने का लक्ष्य रखा था। Vaishnaw के मुताबिक चार साल में ही 70,000 Engineers को Training दी जा चुकी है।
400 से ज्यादा Universities को Cadence, Siemens और Synopsys के Electronic Design Automation Tools का Access मिल चुका है। Mohali की Semiconductor Laboratory में Students द्वारा Design किए गए Chips का Tape Out भी किया जा रहा है।
अब Semicon 2.0 के तहत सरकार 1 लाख Skilled Technicians, Cleanroom Personnel और Factory Floor Workers को तैयार करने का लक्ष्य रख रही है। इन्हें आने वाली Semiconductor Factories में Direct Employment के लिए तैयार किया जाएगा।
Semicon 1.0 को दिसंबर 2021 में ₹76,000 करोड़ के Outlay के साथ मंजूरी मिली थी। वहीं Semicon 2.0 को जुलाई 2026 में ₹1,27,500 करोड़ के कुल Outlay के साथ मंजूरी दी गई।