CAS पर SEBI का बड़ा अपडेट! क्या बदलेंगे नियम? चेयरमैन ने बताया आगे क्या होगा

SEBI चेयरमैन के मुताबिक, एक्सपायरी डेट से जुड़े डेटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है। इसका मकसद यह समझना है कि CAS का बाजार पर किस तरह का असर पड़ रहा है।

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By Gaurav Kumar:

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन, तुहीन कांता पांडे (Tuhin Kanta Pandey) ने CAS यानी Common Account Statement को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने CAS को किस तरह अपनाया है।

SEBI फिलहाल इस व्यवस्था को लेकर मिल रहे फीडबैक पर करीब से नजर रख रहा है और अलग-अलग पक्षों से मिलने वाली प्रतिक्रियाओं को समझने की कोशिश कर रहा है।

CAS के असर को समझने के लिए डेटा का विश्लेषण

SEBI चेयरमैन के मुताबिक, एक्सपायरी डेट से जुड़े डेटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है। इसका मकसद यह समझना है कि CAS का बाजार पर किस तरह का असर पड़ रहा है। अभी तक CAS में किसी तरह की ट्रैकिंग एरर को लेकर कोई चिंता सामने नहीं आई है। हालांकि, SEBI इस पूरे सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है।

जरूरत पड़ी तो बदलाव के लिए तैयार SEBI

SEBI का कहना है कि अगर CAS में कोई समस्या सामने आती है या किसी हिस्से में सुधार की जरूरत महसूस होती है, तो वह उसमें जरूरी बदलाव करने के लिए तैयार है। हालांकि, फिलहाल किसी बदलाव को लेकर कोई तत्काल फैसला नहीं लिया गया है। SEBI पहले ज्यादा समय लेकर उपलब्ध डेटा और फीडबैक का विश्लेषण करेगा और उसके बाद ही आगे की दिशा तय करेगा।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स को अभी हो रही समझ

SEBI चेयरमैन ने कहा कि बाजार अभी CAS की व्यवस्था को समझने और इसके बारे में जानकारी हासिल करने के दौर में है। SEBI मार्केट पार्टिसिपेंट्स के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर मिलने वाले फीडबैक को भी देखा जा रहा है, ताकि लोगों की चिंताओं और सुझावों को बेहतर तरीके से समझा जा सके।

मिले सुझावों की हो रही जांच

CAS को लेकर SEBI को जो सुझाव मिल रहे हैं, उनका भी मूल्यांकन किया जा रहा है। रेगुलेटर यह देख रहा है कि इनमें से कौन से सुझाव वास्तव में लागू किए जा सकते हैं और किनसे व्यवस्था में सुधार हो सकता है।

FPI निवेश भी SEBI के लिए अहम

SEBI चेयरमैन ने यह भी कहा कि FPI यानी Foreign Portfolio Investment को आकर्षित करना अभी भी महत्वपूर्ण है। SEBI यह भी देखेगा कि क्या CAS विदेशी निवेशकों की भागीदारी को बढ़ाने में किसी तरह मदद कर सकता है। फिलहाल CAS को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। SEBI ज्यादा डेटा और फीडबैक का विश्लेषण करने के बाद ही आगे बदलाव को लेकर फैसला करेगा।

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