10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोटों की तैयारी, सरकार ने RBI के प्रस्ताव को दी मंजूरी

जेब में रखा 10 या 20 रुपये का नोट जल्द कागज नहीं, बल्कि प्लास्टिक का हो सकता है। मोदी सरकार ने RBI के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और 100-100 करोड़ नोटों के ट्रायल की तैयारी शुरू हो गई है। पढ़ें पूरी खबर।

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Polymer notes approved for field trials in India — but paper currency isn't going anywhere
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In Short

  • 10 और 20 रुपये के 100-100 करोड़ पॉलिमर (प्लास्टिक) नोटों का फील्ड ट्रायल करने को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी।
  • मौजूदा कागजी नोट बंद नहीं होंगे, फिलहाल उन्हें पॉलिमर नोटों से पूरी तरह बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
  • ट्रायल सफल होने के बाद ही प्लास्टिक नोटों को नियमित रूप से जारी करने पर फैसला लिया जाएगा।

By Gaurav Kumar:

Polymer notes India: देश में जल्द ही 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर यानी प्लास्टिक के करेंसी नोट देखने को मिल सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

सरकार ने संसद में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत में इन नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए जारी किया जाएगा। अगर यह ट्रायल सफल रहता है, तो बाद में इन्हें नियमित रूप से जारी करने की योजना बनाई जाएगी।

पहले चरण में 100-100 करोड़ नोटों का होगा ट्रायल

सरकार के मुताबिक, 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ पॉलिमर नोट फील्ड ट्रायल के लिए छापे जाएंगे। इन नोटों का इस्तेमाल अलग-अलग क्षेत्रों में किया जाएगा, ताकि इनके प्रदर्शन और उपयोगिता का आकलन किया जा सके। ट्रायल सफल रहने के बाद इन्हें सामान्य चलन में लाने पर फैसला लिया जाएगा।

कागजी नोट फिलहाल बंद नहीं होंगे

सरकार ने यह भी साफ किया है कि प्लास्टिक नोटों के आने से अभी बाजार में चल रहे कागजी नोटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी मौजूदा कागजी नोट पहले की तरह चलते रहेंगे और उनके साथ ही पॉलिमर नोट भी उपयोग में रहेंगे। फिलहाल सरकार की ओर से सभी कागजी नोटों को पूरी तरह प्लास्टिक नोटों से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

पॉलिमर नोट क्यों माने जाते हैं बेहतर?

पॉलिमर नोटों की सबसे बड़ी खासियत उनकी लंबी उम्र मानी जाती है। दावा किया जाता है कि ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं। इसके अलावा इनकी नकली कॉपी बनाना भी आसान नहीं होता।

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लंबे समय तक चलने की वजह से भविष्य में नोटों की छपाई पर आने वाली लागत कम होने की संभावना भी बताई जाती है।

परियोजना अभी शुरुआती चरण में

सरकार के अनुसार, फिलहाल यह पूरी योजना शुरुआती दौर में है। डिजिटल पेमेंट पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसका आकलन भी तभी किया जाएगा जब पॉलिमर नोट नियमित रूप से जारी किए जाएंगे।

ऑस्ट्रेलिया ने सबसे पहले शुरू किया था इस्तेमाल

भारत में पहली बार पॉलिमर नोटों को लाने की तैयारी हो रही है, लेकिन दुनिया में इनकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया ने वर्ष 1988 में की थी। इसके बाद 50 से अधिक देशों ने भी इस तरह के नोटों का इस्तेमाल शुरू किया। इन्हें अधिक टिकाऊ और सुरक्षित माना जाता है।

RBI ने पायलट प्रोजेक्ट के लिए टेंडर भी जारी किया

ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई थी कि RBI ने 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों के पायलट प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी किया है। इसके लिए वैश्विक स्तर पर आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं। फिलहाल अब फील्ड ट्रायल के नतीजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

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