RBI बोर्ड में बड़ा बदलाव! S Somanath की एंट्री Anand Mahindra की दोबारा नियुक्ति से बढ़ी अहमियत

आरबीआई ने अपने सेंट्रल बोर्ड में बड़ा बदलाव किया है। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को दोबारा नियुक्त किया गया है, जबकि इसरो के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ को पहली बार बोर्ड में जगह मिली है। दोनों की नियुक्ति चार साल के लिए हुई है।

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In Short

  • आरबीआई बोर्ड में एस सोमनाथ की पहली एंट्री हुई चार साल के लिए मिली जिम्मेदारी
  • आनंद महिंद्रा को आरबीआई सेंट्रल बोर्ड में दोबारा नियुक्त किया गया
  • नई नियुक्तियों के बाद आरबीआई बोर्ड में कुल 11 सदस्य शामिल हैं

By Gaurav Kumar:

भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई ने अपने सेंट्रल बोर्ड में बड़ा बदलाव किया है। आरबीआई ने महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को फिर से बोर्ड में शामिल किया है, वहीं इसरो के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ को पहली बार आरबीआई बोर्ड में जगह दी गई है। दोनों की नियुक्ति चार साल के लिए की गई है। यह बदलाव केंद्रीय बैंक के कामकाज और फैसलों में नई विशेषज्ञता जोड़ने वाला माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि आरबीआई बोर्ड में इन नए चेहरों की भूमिका कैसी रहती है।

एस सोमनाथ को मिली चार साल की जिम्मेदारी

आरबीआई ने बताया कि केंद्र सरकार ने एस सोमनाथ श्रीधरा पनिकर को आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड में पार्ट टाइम नॉन ऑफिशियल डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 20 अगस्त 2026 से चार साल के लिए की गई है या फिर अगले आदेश तक जारी रहेगी।

एस सोमनाथ इसरो के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में उनका अहम योगदान रहा है। उनके अनुभव को देखते हुए आरबीआई बोर्ड में उनकी नियुक्ति को तकनीकी और रणनीतिक समझ बढ़ाने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

आनंद महिंद्रा की फिर हुई नियुक्ति

आरबीआई ने अलग बयान में बताया कि आनंद महिंद्रा को भी पार्ट टाइम नॉन ऑफिशियल डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त किया गया है। उनकी नई जिम्मेदारी भी 20 अगस्त 2026 से चार साल के लिए होगी।

आनंद महिंद्रा देश के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल हैं और महिंद्रा ग्रुप का नेतृत्व करते हैं। बिजनेस और इंडस्ट्री से जुड़े उनके लंबे अनुभव का फायदा आरबीआई बोर्ड को मिलने की उम्मीद है।

आरबीआई बोर्ड में अब कितने सदस्य हैं

नई नियुक्तियों के बाद आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड में कुल 11 सदस्य हैं। इसमें आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा, डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे, पूनम गुप्ता, शिरीष चंद्र मुर्मू और रोहित जैन शामिल हैं।

इसके अलावा आनंद महिंद्रा और एस सोमनाथ के साथ रेवती अय्यर, रिस के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, अनुराधा ठाकुर और संजय लोहिया भी बोर्ड का हिस्सा हैं।

आरबीआई बोर्ड कैसे करता है काम

आरबीआई के कामकाज की जिम्मेदारी सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के पास होती है। आरबीआई एक्ट के तहत केंद्र सरकार इन सदस्यों की नियुक्ति या नामांकन करती है। आमतौर पर बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल चार साल का होता है।

इस बोर्ड में आरबीआई गवर्नर और अधिकतम चार डिप्टी गवर्नर आधिकारिक सदस्य होते हैं। वहीं नॉन ऑफिशियल डायरेक्टर अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करके बनाए जाते हैं, जिससे बैंकिंग और आर्थिक फैसलों में अलग-अलग अनुभवों का इस्तेमाल किया जा सके।

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