टिकट कैंसिलेशन से रेलवे कितनी कमाई करता है? संसद में रेल मंत्री ने दिया जवाब
ट्रेन टिकट कैंसिल कराने पर कटने वाले पैसों को लेकर अक्सर यात्रियों के मन में सवाल रहता है कि आखिर यह रकम रेलवे के खाते में कितनी जाती है। संसद में इस सवाल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब दिया है। जानिए टिकट कैंसिलेशन के नियम और रिफंड से जुड़ी पूरी जानकारी।

In Short
- संसद में पूछे गए सवाल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि टिकट कैंसिलेशन से होने वाली कमाई का अलग-अलग जोन के हिसाब से रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है।
- कन्फर्म टिकट कैंसिल कराने पर समय के हिसाब से कैंसिलेशन चार्ज कटता है, जबकि वेटिंग और RAC टिकट में सिर्फ 60 रुपये कटते हैं।
- वंदे भारत और अमृत भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों के लिए टिकट कैंसिलेशन के नियम अलग होते हैं।
Railway Ticket Cancellation Rules: रेलवे में टिकट कैंसिल कराना यात्रियों के लिए कोई नई बात नहीं है। यात्रा की योजना बदलने, किसी कारण से सफर रद्द करने या ट्रेन से जुड़ी दूसरी वजहों के चलते लोग अक्सर अपना टिकट कैंसिल कराते हैं। हालांकि, टिकट रद्द करने पर यात्री को पूरा किराया वापस नहीं मिलता है।
ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि टिकट कैंसिलेशन से रेलवे को हर साल कितनी कमाई होती है। संसद में सरकार से इस बारे में जानकारी मांगी गई थी, जिस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब दिया।
टिकट कैंसिलेशन से होने वाली कमाई का जोन वाइज हिसाब नहीं
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे टिकट कैंसिल कराने और ऑनलाइन वेटिंग टिकट अपने आप रद्द होने से मिलने वाली आय का अलग-अलग जोन के आधार पर रिकॉर्ड नहीं रखता है। यानी उत्तर रेलवे, पूर्व रेलवे या पश्चिम रेलवे जैसे जोन के हिसाब से कैंसिलेशन से हुई कमाई का अलग आंकड़ा तैयार नहीं किया जाता है।
उन्होंने बताया कि रेलवे में टिकट कैंसिलेशन से मिलने वाले राजस्व की जोन वाइज अलग सूची उपलब्ध नहीं है। हालांकि, रेल मंत्री ने संसद में सामान्य और प्रीमियम ट्रेनों के टिकट कैंसिल कराने से जुड़े नियमों की जानकारी दी।
सामान्य ट्रेनों में टिकट कैंसिल कराने के नियम
सामान्य ट्रेनों में कन्फर्म टिकट रद्द कराने पर समय के आधार पर कैंसिलेशन चार्ज काटा जाता है। अगर यात्री ट्रेन के रवाना होने से 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराता है, तो एक तय शुल्क लिया जाता है।
फर्स्ट एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास के टिकट पर 240 रुपये, सेकंड एसी के लिए 200 रुपये, थर्ड एसी और चेयर कार के लिए 180 रुपये, स्लीपर क्लास के लिए 120 रुपये और सेकंड क्लास के लिए 60 रुपये कैंसिलेशन चार्ज लिया जाता है।
अगर टिकट ट्रेन छूटने से 48 से 12 घंटे पहले रद्द कराया जाता है, तो कुल किराये का 25 फीसदी हिस्सा काटा जाता है। वहीं, ट्रेन छूटने से 12 से 4 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर 50 फीसदी किराया काट लिया जाता है। ट्रेन छूटने में अगर 4 घंटे से कम समय बचा है और कन्फर्म टिकट रद्द कराया जाता है, तो यात्री को कोई रिफंड नहीं दिया जाता है।
वेटिंग और RAC टिकट के लिए अलग नियम
वेटिंग लिस्ट और RAC टिकट कैंसिल कराने के नियम कन्फर्म टिकट से अलग होते हैं। ऐसे टिकटों को ट्रेन रवाना होने से 30 मिनट पहले तक रद्द कराया जा सकता है।इस स्थिति में रेलवे प्रति यात्री सिर्फ 60 रुपये काटता है और बाकी रकम यात्री को वापस कर दी जाती है।
इसलिए वेटिंग और RAC टिकट कैंसिल कराने पर यात्रियों को ज्यादा राहत मिलती है।रेल मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वंदे भारत और अमृत भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों के टिकट कैंसिलेशन के लिए अलग नियम लागू होते हैं।