ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पुतिन का प्रस्ताव- इंश्योरेंस, ग्रेन मार्केट और ग्रोथ प्लेटफॉर्म का दिया प्लान

BRICS Summit में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कई अहम आर्थिक पहलों का प्रस्ताव रखा है। इंश्योरेंस सिस्टम, संयुक्त अनाज बाजार और ग्रोथ प्लेटफॉर्म को लेकर दिए गए सुझावों से BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की कोशिश दिखी। आखिर इन प्रस्तावों का मकसद क्या है, जानिए पूरी खबर में।

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In Short

  • पुतिन ने BRICS देशों के लिए नया इंश्योरेंस मैकेनिज्म बनाने का प्रस्ताव रखा।
  • ग्लोबल साउथ के लिए संयुक्त अनाज बाजार और आर्थिक विकास प्लेटफॉर्म की बात कही।
  • BRICS की बढ़ती ताकत और न्यू डेवलपमेंट बैंक की भूमिका पर दिया जोर।

By Gungun Mishra:

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान समूह के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए कई नई पहलों का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने BRICS देशों के लिए एक नया इंश्योरेंस मैकेनिज्म, संयुक्त अनाज बाजार और आर्थिक विकास के लिए एक प्लेटफॉर्म बनाने की बात कही। पुतिन के मुताबिक, इन पहलों से BRICS और ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिल सकती है।

BRICS देशों के लिए इंश्योरेंस मैकेनिज्म का प्रस्ताव

पुतिन ने कहा कि BRICS देशों को आर्थिक विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए और बाहरी दबावों से निपटने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनानी चाहिए। उन्होंने इंश्योरेंस सेक्टर में एक नए मैकेनिज्म की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि BRICS के पास पूंजी, श्रम और तकनीक के लिए स्वतंत्र रास्ते मौजूद हैं और ये देश बाहरी दबावों के बावजूद आगे बढ़ सकते हैं। पुतिन ने बताया कि इंश्योरेंस मैकेनिज्म और संयुक्त अनाज बाजार जैसी पहल रूस की ओर से प्रस्तावित की गई हैं और अन्य सदस्य देश भी इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

संयुक्त अनाज बाजार बनाने की पहल

रूसी राष्ट्रपति ने BRICS देशों के बीच एक साझा अनाज बाजार बनाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिल सकता है।

पुतिन ने यह प्रस्ताव ऐसे समय रखा है जब रूस पर यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों की ओर से कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि BRICS देशों को मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक व्यापक रणनीति अपनानी चाहिए।

Image Credit: ITG

BRICS ग्रोथ प्लेटफॉर्म बनाने पर जोर

पुतिन ने BRICS के अंदर आर्थिक विकास के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म बनाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म सभी सदस्य देशों की ताकत और प्रतिस्पर्धी क्षमताओं को एक साथ लाने का काम करेगा।

उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ BRICS साझेदार देशों के लिए नहीं बल्कि उन सभी देशों के लिए खुला होना चाहिए जो इस समूह के साथ काम करना चाहते हैं। पुतिन के अनुसार, इससे निवेश, व्यापार और साझेदारी के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

न्यू डेवलपमेंट बैंक की तारीफ

BRICS देशों द्वारा स्थापित न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की तारीफ करते हुए पुतिन ने कहा कि बैंक करीब 140 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट संभाल रहा है। उन्होंने इसे समूह के आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

पुतिन ने कहा कि BRICS का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और कई देश इसके मूल्यों और स्वतंत्र नीति अपनाने के नजरिए को पसंद कर रहे हैं।

BRICS में बढ़ी भागीदारी

BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। साल 2024 में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हुए, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसका हिस्सा बना।

इसके अलावा बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम BRICS पार्टनर देश बने।

BRICS अब 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जो दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी, लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक GDP और करीब 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है।

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