भारत में जापानी निवेश बढ़ाने पर पीयूष गोयल का जोर! कहा- भारत से खड़ी हों 1,580 सुजुकी जैसी कंपनियां
जापान दौरे पर गए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जापानी कंपनियों से भारत में निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की अपील की। भारत का फोकस अब सिर्फ जापानी निवेश हासिल करने पर नहीं, बल्कि देश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनाने पर है। सेमीकंडक्टर, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर है।

जापान दौरे के दौरान गोयल ने भारत में जापानी निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत में जापानी कंपनियों के लिए काफी संभावनाएं हैं और देश से दुनिया के लिए बड़े और ज्यादा मुनाफे वाले ऑपरेशन सामने आ रहे हैं। इंडिया टुडे के पत्रकार हिमांशु मिश्रा ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से खास बातचीत की है।
जापान से निवेश और सहयोग बढ़ाने की अपील
पीयूष गोयल ने जापानी कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सुजुकी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में सुजुकी का मार्केट कैप उसकी पेरेंट कंपनी के मार्केट कैप से भी ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि भारत में इस समय 1,580 जापानी कंपनियां मौजूद हैं और भारत की कोशिश है कि यहां से 1,580 सुजुकी जैसी कंपनियां खड़ी हों। गोयल का जोर इस बात पर है कि जापानी कंपनियां भारत को सिर्फ एक बाजार के तौर पर न देखें, बल्कि यहां से ग्लोबल बिजनेस ऑपरेशन भी चलाएं।
जापान में 220 से ज्यादा उद्योग प्रतिनिधि
पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय उद्योग जगत के 220 से ज्यादा प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल 24 से 27 अगस्त तक जापान के दौरे पर है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करना है।
दौरे में 2011 के भारत-जापान व्यापार समझौते की समीक्षा और दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे को कम करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 27.47 अरब डॉलर है। भारत का व्यापार घाटा मुख्य रूप से विशेषीकृत विनिर्माण और तकनीकी उत्पादों के आयात की वजह से है।
सुमितोमो और मेइजी सेइका के साथ बातचीत
जापान दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने सुमितोमो कॉरपोरेशन के सीईओ शिंगो उएनो से मुलाकात की। दोनों के बीच भारत में ऊर्जा परिवर्तन, मोबिलिटी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कंपनी की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
इसके अलावा उन्होंने मेइजी सेइका फार्मा के प्रेसिडेंट एवं रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर तोशियाकी नागासातो के साथ भी बातचीत की। इस बैठक में फार्मास्युटिकल सेक्टर में भारत-जापान सहयोग, मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।
मेइजी सेइका फार्मा ने जापानी इंसेफेलाइटिस के टीके की आपूर्ति के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ साझेदारी की संभावनाएं तलाशने के संकेत दिए हैं।
सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी फोकस
भारत और जापान सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों और फार्मास्युटिकल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 62 अरब डॉलर निवेश करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसमें से करीब 1.2 अरब डॉलर का निवेश पहले ही किया जा चुका है।
पीयूष गोयल ने मित्सुबिशी कॉरपोरेशन के रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर जूरो बाबा से भी मुलाकात की। इस दौरान मोबिलिटी, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।
जापानी उद्योग जगत के साथ कई बैठकें
जापान दौरे में पीयूष गोयल ने जापानी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने कैपिटल गुड्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर राउंडटेबल की अध्यक्षता भी की।
इसके अलावा केइदानरेन (Japan Business Federation) और जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (JCCI) के साथ भी बातचीत हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो में फिनटेक एसोसिएशन ऑफ जापान और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।
जापानी कंपनियों की सुविधाओं का दौरा करेगा भारतीय प्रतिनिधिमंडल
भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधि जापान में Hitachi, Daikin Technology and Innovation Center, Panasonic, Omron और HORIBA समेत कई प्रमुख जापानी कंपनियों की सुविधाओं का दौरा करेंगे।
इन दौरों का मकसद दोनों देशों के उद्योगों के बीच सीधे अनुभव और तकनीकी सीख साझा करना है। साथ ही निवेश और औद्योगिक सहयोग के नए अवसरों की पहचान करने पर भी जोर रहेगा।
भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर जोर
पीयूष गोयल का संदेश साफ है कि भारत में जापानी कंपनियों की मौजूदगी को सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। भारत चाहता है कि जापान की कंपनियां देश में मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और रिसर्च को बढ़ावा दें और भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनाने में अपनी भागीदारी और मजबूत करें।