OpenAI IPO: क्या 2027 तक टल सकती है ChatGPT बनाने वाली कंपनी की लिस्टिंग? 1 ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन पर अड़े सैम ऑल्टमैन
ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI का IPO 2027 तक टल सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक CEO सैम ऑल्टमैन 1 ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन लक्ष्य से समझौता नहीं करना चाहते हैं। इसलिए कंपनी जल्द लिस्टिंग के बजाय अधिक वैल्यूएशन का इंतजार करने पर विचार कर रही है।

In Short
- ChatGPT बनाने वाली OpenAI का IPO 2027 तक टल सकता है, जानिए वजह
- OpenAI IPO पर बड़ा अपडेट, Sam Altman ने वैल्यूएशन घटाने से किया इनकार
- क्या OpenAI का IPO अब 2027 में आएगा? 1 ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन बना वजह
- OpenAI के IPO का इंतजार बढ़ सकता है, Sam Altman की इस जिद से बदली रणनीति
एक रिपोर्ट के अनुसार OpenAI अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को 2027 तक टालने पर विचार कर रहा है, क्योंकि इसके CEO सैम ऑल्टमैन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी के 1 ट्रिलियन डॉलर तक के टारगेट वैल्यूएशन से समझौता करने को तैयार नहीं हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस चर्चा में शामिल तीन लोगों का हवाला देते हुए बताया गया है कि ChatGPT बनाने वाली कंपनी के सलाहकारों ने अधिकारियों के सामने दो विकल्प रखे हैं: या तो अगले साल तक इंतजार करें और 1 ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन का लक्ष्य रखें, या फिर जल्द लिस्टिंग के लिए वैल्यूएशन की उम्मीदों को कम करें।
खबरों के मुताबिक ऑल्टमैन ने सलाहकारों से कहा कि ट्रिलियन-डॉलर वैल्यूएशन लक्ष्य में कोई भी कटौती "संभव नहीं" (non-starter) है। OpenAI ने पहले ही अमेरिका में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के लिए गोपनीय रूप से आवेदन कर दिया है। रॉयटर्स की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर सारा फ्रायर ने कुछ सहयोगियों को बताया है कि कंपनी 2027 में लिस्टिंग का लक्ष्य बना रही है। देरी से होने वाली शुरुआत OpenAI को अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने और निवेशकों को यह समझाने के लिए अधिक समय देगी कि उसकी तेजी से बढ़ती रेवेन्यू ग्रोथ, किसी नई लिस्टेड कंपनी द्वारा मांगे गए अब तक के सबसे बड़े वैल्यूएशन में से एक को सही ठहरा सकती है।
हालांकि, इससे उन निवेशकों का इंतजार भी बढ़ जाएगा जो जेनरेटिव AI के दौर में सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक में निवेश करना चाहते हैं। ChatGPT के लॉन्च के बाद से OpenAI इस सेक्टर में एक मुख्य खिलाड़ी के तौर पर उभरा है, लेकिन कंपनी को कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और अधिक शक्तिशाली मॉडल विकसित करने के कारण भारी खर्च की जरूरतों का भी सामना करना पड़ रहा है।
IPO में यह संभावित देरी ऐसे समय में हो रही है जब OpenAI को अपने नए AI सिस्टम के लॉन्च को लेकर अमेरिकी सरकार की कड़ी जांच का सामना करना पड़ रहा है। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं के कारण कंपनी से अपने नवीनतम मॉडल के रोलआउट को चरणबद्ध तरीके से करने के लिए कहा है।