Next-Gen GST का अगला फेज तैयार! जानिए टैक्सपेयर्स के लिए क्या-क्या बदलने की तैयारी में सरकार

GST रेट में बदलाव के बाद अब सरकार नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाने की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि Next-Gen GST के अगले चरण के प्रस्ताव 7 अक्टूबर को GST Council के सामने रखे जाएंगे। इनमें रजिस्ट्रेशन से लेकर रिटर्न, रिफंड और ITC तक की प्रक्रिया को आसान बनाने पर फोकस रहेगा।

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यह बदलाव टैक्स रेट में बदलाव से आगे बढ़कर टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
यह बदलाव टैक्स रेट में बदलाव से आगे बढ़कर टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

In Short

  • Next-Gen GST के नए प्रस्ताव 7 अक्टूबर को GST Council के सामने रखे जाएंगे।
  • रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड और ITC प्रक्रिया आसान करने पर फोकस रहेगा।
  • - अप्रैल-सितंबर में ग्रॉस GST कलेक्शन ₹12.46 लाख करोड़ रहा।

By Shakshi:

GST में टैक्स रेट में बदलाव के बाद अब सरकार का फोकस नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि Next-Gen GST के तहत अगले चरण के प्रोसेस रिफॉर्म्स को 7 अक्टूबर को GST Council के सामने रखा जाएगा। इसका मकसद टैक्सपेयर्स के लिए नियमों का पालन आसान बनाना और छोटे कारोबारियों की लागत कम करना है।

राज्य सरकारों के साथ मिलकर तैयार किए गए इन प्रस्तावों में GST रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइलिंग, रिफंड, विवादों के समाधान और इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC की प्रक्रिया को आसान बनाने पर फोकस किया जाएगा।

Next-Gen GST का क्या है मकसद?

निर्मला सीतारमण ने LinkedIn पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत Next-Gen GST को दो मुख्य उद्देश्यों के साथ तैयार किया गया था। पहला टैक्स रेट को कम और आसान बनाना और दूसरा GST से जुड़े नियमों का पालन आसान करना।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का मकसद परिवारों को राहत देना, कारोबारियों को ज्यादा भरोसा देना और टैक्सपेयर्स के लिए ऐसा सिस्टम तैयार करना है जिसमें वे बिना बेवजह की परेशानी के अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर सकें।

टैक्सेबल सप्लाई में 25.8% की बढ़ोतरी

22 सितंबर 2025 से लागू रेट में बदलाव के बाद अक्टूबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच रिपोर्ट की गई टैक्सेबल सप्लाई की वैल्यू एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 25.8% बढ़ी।

वहीं ग्राहकों को सीधे की गई बिक्री यानी B2C सेल्स में 26.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

GST कलेक्शन ₹12.46 लाख करोड़

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान ग्रॉस GST कलेक्शन 12.46 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें सालाना आधार पर 11.6% की बढ़ोतरी हुई।

जून से सितंबर के बीच GST कलेक्शन में हर महीने डबल डिजिट सालाना ग्रोथ दर्ज की गई और यह बढ़कर करीब 15% तक पहुंच गई।

इस दौरान करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए। रिफंड के बाद नेट GST कलेक्शन में 10.4% की बढ़ोतरी हुई।

राज्यों की GST कमाई भी बढ़ी

IGST सेटलमेंट को मिलाकर राज्यों का कुल SGST रेवेन्यू करीब 16% बढ़ा है।

अगस्त के आखिर तक केंद्र और राज्यों के तहत एक्टिव GST रजिस्ट्रेशन की संख्या करीब 1.71 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले साल के मुकाबले 15% ज्यादा है।

अप्रैल से जुलाई के बीच समय पर दाखिल किए गए GSTR-3B रिटर्न की संख्या में भी 12.6% की बढ़ोतरी हुई।

छोटे शहरों के कारोबार को मिला फायदा

वित्त मंत्री के मुताबिक सभी 11 सेक्टर ग्रुप और प्रमुख राज्यों में रिपोर्टेड टैक्सेबल सप्लाई बढ़ी है। इससे Tier-2 और Tier-3 शहरों के छोटे और मध्यम कारोबारियों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिली है।

सीतारमण ने कहा कि GST अब पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है और इससे अगले चरण के सुधारों के लिए बेहतर आधार मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार डायरेक्ट टैक्स में भी स्पष्टता और निश्चितता के सिद्धांतों पर काम करेगी ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सके।

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