LNG की मांग में फिर आएगी तेजी! चीन, भारत और पाकिस्तान में गैस खपत लौटने के संकेत

मिडिल ईस्ट संकट के कारण LNG सप्लाई प्रभावित हुई और कीमतों में बड़ा उछाल आया। इसका असर भारत, चीन और पाकिस्तान में गैस खपत पर पड़ा। अब इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई सप्लाई और कीमतों में गिरावट के साथ LNG की मांग फिर मजबूत हो सकती है।

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In Short

  • मिडिल ईस्ट सप्लाई संकट से LNG की कीमतें करीब 30 डॉलर प्रति MMBtu तक पहुंचीं, जिससे मांग पर असर पड़ा।
  • भारत में महंगी गैस के कारण कुछ उद्योगों ने कोयले और तेल जैसे वैकल्पिक ईंधनों का इस्तेमाल शुरू किया।
  • नई LNG सप्लाई आने और कीमतें सामान्य होने पर भारत, चीन और पाकिस्तान में गैस खपत बढ़ने की उम्मीद है।

By Gungun Mishra:

मिडिल ईस्ट में सप्लाई संकट खत्म होने और नई आपूर्ति शुरू होने के बाद चीन, भारत और पाकिस्तान में LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की मांग फिर से बढ़ सकती है। इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इन देशों में LNG की खपत कई साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन कीमतें सामान्य होने के बाद इसमें सुधार की उम्मीद है।

अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण LNG सप्लाई प्रभावित हुई है। कतर और संयुक्त अरब अमीरात से आने वाली ज्यादातर LNG खेप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते नहीं पहुंच पा रही हैं। इस वजह से एशियाई बाजार में LNG की स्पॉट कीमत करीब 30 डॉलर प्रति MMBtu तक पहुंच गई है, जो युद्ध से पहले लगभग 10 डॉलर प्रति MMBtu थी।

महंगी गैस से भारत में घटा इस्तेमाल

LNG की बढ़ती कीमतों का असर भारत में खासतौर पर उन उद्योगों पर पड़ा है, जहां ईंधन की लागत काफी मायने रखती है। महंगी गैस के कारण कुछ कंपनियों ने प्राकृतिक गैस की जगह कोयले और तेल जैसे दूसरे ईंधनों का इस्तेमाल शुरू कर दिया।

GAIL के चेयरमैन दीपक गुप्ता ने कहा कि कई सेक्टर गैस की कीमतों को लेकर काफी संवेदनशील हैं और कीमत बढ़ने पर दूसरे विकल्पों की ओर जा सकते हैं। वहीं, पेट्रोनेट LNG के CEO अक्षय कुमार सिंह ने भी कहा कि गैस की मांग बनी हुई है, लेकिन ग्राहक कीमतों को लेकर सतर्क हैं और ज्यादा स्थिरता चाहते हैं।

GAIL के अनुसार, सप्लाई संकट के शुरुआती दौर में भारत को गैस खपत सीमित करनी पड़ी थी। हालांकि, दूसरे बाजारों से LNG की व्यवस्था बढ़ाने के बाद अब सप्लाई करीब 90 से 95 फीसदी तक बहाल हो चुकी है।

पाकिस्तान में भी LNG मांग बढ़ने की उम्मीद

पाकिस्तान में भी अगर LNG की कीमतें कम होती हैं और बाजार में अतिरिक्त सप्लाई आती है तो गैस की मांग बढ़ सकती है। पाकिस्तान LNG के CEO मसूद नबी के मुताबिक, नई LNG मात्रा उपलब्ध होने से मांग में सुधार देखने को मिल सकता है।

हाल के वर्षों में पाकिस्तान में सोलर पावर ने बिजली संकट से निपटने में मदद की है, लेकिन घरों और अन्य क्षेत्रों में गैस की जरूरत अभी भी बनी हुई है।

चीन में सामान्य कीमतों पर लौट सकती है मांग

चीन में भी LNG की मांग में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। पेट्रोचाइना इंटरनेशनल के CEO लुओ यिजोउ ने कहा कि जब LNG की कीमतें सामान्य स्तर यानी 7 से 9 डॉलर प्रति MMBtu के बीच लौटेंगी, तो गैस आधारित बिजली संयंत्रों की मांग फिर बढ़ सकती है।

चीन में बिजली खपत में लगातार बढ़ोतरी LNG मांग को सहारा दे सकती है। एक्सॉनमोबिल का भी मानना है कि चीन में लंबे समय तक LNG की मांग में मजबूत वृद्धि की संभावना है।

नई सप्लाई आने से बदलेगा बाजार

शेल के अनुमान के मुताबिक, इस साल मिडिल ईस्ट से करीब 36 मिलियन टन LNG सप्लाई प्रभावित हुई है। वहीं, GAIL और पेट्रोचाइना जैसी कंपनियां वैकल्पिक LNG कार्गो तलाशने में जुटी हैं।

इंडस्ट्री अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा LNG मांग में गिरावट अस्थायी है। जैसे-जैसे नई सप्लाई बाजार में आएगी और कीमतें कम होंगी, चीन, भारत और पाकिस्तान में LNG की खपत फिर मजबूत हो सकती है।

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