SEBI के आरोपों पर JPMorgan की सफाई की तैयारी, Copthall ने कार्रवाई को चुनौती देने के बजाय मांगी जानकारी
SEBI की कार्रवाई के बाद JPMorgan की मॉरीशस यूनिट Copthall Mauritius Investment Ltd. अब आरोपों को चुनौती देने के बजाय उनके बारे में अतिरिक्त जानकारी मांगने की तैयारी में है। मामला Sensex की क्लोजिंग ऑक्शन में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है, जिस पर नियामक ने 37 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

JPMorgan Chase & Co. की मॉरीशस स्थित यूनिट Copthall Mauritius Investment Ltd. भारत के बाजार नियामक SEBI की कार्रवाई को फिलहाल चुनौती देने के बजाय आरोपों पर सफाई मांगने की तैयारी में है। ब्लूमबर्ग ने मामले से परिचित लोगों के मुताबिक बताया कि, कंपनी का पक्ष यह हो सकता है कि मामला तकनीकी अनुपालन से जुड़ा है, न कि बाजार में हेरफेर से।
SEBI के आदेश पर मांगी जाएगी अतिरिक्त जानकारी
Copthall को SEBI के अंतरिम आदेश पर अतिरिक्त जानकारी चाहिए और सुनवाई का मौका मिलने पर वह बाजार में हेरफेर के आरोपों को स्पष्ट करने की मांग करेगी। लोगों ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी, क्योंकि मामला सार्वजनिक नहीं है। JPMorgan के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार किया।
Copthall भारत में JPMorgan के वैश्विक ग्राहकों के निवेश के लिए एक माध्यम के तौर पर काम करती है और SEBI के पास विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक के रूप में पंजीकृत है। JPMorgan आंतरिक स्तर पर भी अनुपालन व्यवस्था की समीक्षा करने पर विचार कर रहा है, ताकि अगर कोई कमी हो तो उसकी पहचान की जा सके।
Sensex की क्लोजिंग ऑक्शन पर कार्रवाई
SEBI ने पिछले सप्ताह Copthall और स्थानीय ब्रोकरेज Mansi Share and Stock Broking Ltd. के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया था। नियामक के मुताबिक, दोनों ने 13 अगस्त को क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान ऐसे ट्रेड किए, जिनसे BSE Sensex के इंडिकेटिव इक्विलिब्रियम प्राइस को प्रभावित किया गया और उनके बेंचमार्क ऑप्शंस पोजीशन को फायदा हुआ।
SEBI ने दोनों संस्थाओं पर कुल 37 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और पूंजी बाजार में उनकी पहुंच पर रोक लगाई। आदेश के मुताबिक, अवैध लाभ लौटाने के बाद ट्रेडिंग प्रतिबंध हटाया जा सकता है। दोनों संस्थाओं को आरोपों का जवाब देने और व्यक्तिगत सुनवाई मांगने के लिए 21 दिन मिले हैं।
JPMorgan के भारत कारोबार पर सीधा असर नहीं
Copthall, JPMorgan India Pvt. से अलग इकाई है। JPMorgan India SEBI के साथ स्टॉक ब्रोकर और मर्चेंट बैंकर के रूप में पंजीकृत है। इसलिए Copthall पर हुई कार्रवाई का भारत में JPMorgan की स्थानीय इकाई के सामान्य कारोबार पर सीधा असर नहीं पड़ता।
यह मामला भारत में किसी वैश्विक वित्तीय कंपनी के खिलाफ बाजार में हेरफेर के आरोपों पर SEBI की शुरुआती बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। इससे पहले SEBI ने Jane Street Group पर भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। Jane Street ने आरोपों से इनकार किया है और अतिरिक्त दस्तावेज हासिल करने के लिए भारतीय अपीलीय अदालत में अपील कर रही है।