जयंत सिन्हा का बड़ा दावा; पूर्वी भारत की बढ़ाएगा रफ्तार, कोलकाता भारत की इकोनॉमी को मिलेगी नई ताकत

भारत की 30 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने की राह में पूर्वी भारत की भूमिका अहम हो सकती है। पूर्व मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि कोलकाता को ग्रोथ सेंटर बनाकर बिहार झारखंड ओडिशा और असम जैसे राज्यों में निवेश और विकास को नई रफ्तार दी जा सकती है।

Advertisement

By Gaurav Kumar:

भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है जब देश के हर हिस्से में बराबर तेजी से विकास हो। पूर्व मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा है कि अगर ग्रोथ कुछ बड़े शहरों तक ही सीमित रही तो भारत की आर्थिक रफ्तार कमजोर पड़ सकती है। उनका मानना है कि पूर्वी भारत को आगे बढ़ाने के लिए कोलकाता को एक बड़े निवेश केंद्र के रूप में विकसित करना जरूरी है।

पूर्वी भारत की धीमी ग्रोथ बनी बड़ी चुनौती

जयंत सिन्हा ने भारत की ग्रोथ स्टोरी में क्षेत्रीय अंतर को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी करीब 2700 से 2800 डॉलर है, लेकिन बिहार में यह करीब 800 डॉलर और झारखंड में लगभग 1000 डॉलर है। इससे साफ है कि पूर्वी भारत के कई राज्य अभी भी राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर भारत को तेजी से 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनना है तो पूर्वी भारत को विकास की मुख्यधारा में लाना होगा। उनके मुताबिक केवल सामाजिक संतुलन के लिए नहीं बल्कि आर्थिक मजबूती के लिए भी इन राज्यों में निवेश बढ़ाना जरूरी है।

कोलकाता को बनाना होगा पूर्वी भारत का ग्रोथ इंजन

सिन्हा का कहना है कि कोलकाता पूर्वी भारत के लिए वही भूमिका निभा सकता है जो बेंगलुरु चेन्नई मुंबई और दिल्ली ने अपने आसपास के इलाकों के विकास में निभाई है। उन्होंने कहा कि कोलकाता में ज्यादा निवेश आने से बिहार झारखंड ओडिशा और असम जैसे राज्यों को भी फायदा मिलेगा।

उनके अनुसार कोलकाता को एक मजबूत ग्रोथ सेंटर बनाने से पूरे क्षेत्र में नई कंपनियां आएंगी रोजगार बढ़ेगा और व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी। यही मॉडल पूर्वी भारत के विकास को नई दिशा दे सकता है।

बड़े शहरों से जुड़ेगा पूरा क्षेत्र

आर्थिक जानकारों के मुताबिक बड़े शहरों में निवेश आने से सिर्फ उसी शहर को फायदा नहीं मिलता बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी असर दिखता है। बड़े शहरों में कैपिटल टैलेंट लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर का विकास होता है जिससे सप्लाई चेन मजबूत होती है।

जयंत सिन्हा का तर्क भी इसी सोच पर आधारित है कि पूर्वी भारत के लिए अलग अलग राज्यों में छोटे प्रयासों के बजाय एक बड़े ग्रोथ सेंटर की जरूरत है। कोलकाता इस भूमिका को निभाकर पूरे क्षेत्र के विकास को गति दे सकता है।

8 से 10 फीसदी ग्रोथ के लिए निवेश बढ़ाना जरूरी

सिन्हा ने यह भी कहा कि भारत को लंबे समय तक 8 से 10 फीसदी की ग्रोथ बनाए रखने के लिए बड़े स्तर पर निवेश की जरूरत होगी। ज्यादा निवेश से इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा नए रोजगार बनेंगे और देश की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।

उनका मानना है कि भारत की अगली बड़ी आर्थिक छलांग सिर्फ मौजूदा बड़े शहरों पर दबाव बढ़ाने से नहीं आएगी बल्कि नए क्षेत्रों को विकास से जोड़ने से आएगी।

पूर्वी भारत को खोलना होगा नई ग्रोथ का रास्ता

जयंत सिन्हा का संदेश साफ है कि भारत की आर्थिक सफलता के लिए विकास का दायरा बढ़ाना होगा। अगर पूर्वी भारत को मजबूत बनाया जाता है तो देश की ग्रोथ ज्यादा संतुलित और तेज हो सकती है।

कोलकाता को केंद्र बनाकर निवेश बढ़ाने की यह सोच सिर्फ एक शहर के विकास की बात नहीं है बल्कि पूरे पूर्वी क्षेत्र को नई आर्थिक ताकत देने की रणनीति है।

Read more!
Advertisement