FSSAI के नोटिस के खिलाफ ITC पहुंची कोर्ट, आशीर्वाद आटा के दावों पर बढ़ा विवाद
दिल्ली हाई कोर्ट ने आशीर्वाद एमपी चक्की आटा की पैकेजिंग और विज्ञापनों पर किए गए दावों को लेकर आईटीसी को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने फिलहाल एफएसएसएआई को कंपनी के फूड लाइसेंस पर कार्रवाई करने से रोक दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।

In Short
- आशीर्वाद एमपी चक्की आटा के दावों को लेकर आईटीसी को दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत
- कोर्ट ने फिलहाल एफएसएसएआई को कंपनी के फूड लाइसेंस पर कार्रवाई से रोका
- विवाद 100% आटा 100% मध्य प्रदेश गेहूं और 0% मैदा जैसे दावों से जुड़ा
दिल्ली हाई कोर्ट ने आईटीसी लिमिटेड को बड़ी अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI को फिलहाल कंपनी का फूड लाइसेंस रद्द करने या उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई करने से रोक दिया है। मामला आशीर्वाद एमपी चक्की आटा की पैकेजिंग और विज्ञापनों में किए गए कुछ दावों से जुड़ा है।
किन दावों पर है विवाद
FSSAI ने आईटीसी से आशीर्वाद एमपी चक्की आटा की पैकेजिंग और विज्ञापनों से “100% Atta”, “100% Madhya Pradesh Wheat” और “0% Maida” जैसे दावे हटाने को कहा था।
आईटीसी ने इन नोटिस को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में हुई, जहां कंपनी को फिलहाल अंतरिम राहत दी गई है।
अभी तय नहीं हुआ अधिकार क्षेत्र का सवाल
FSSAI ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई को लेकर अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया है। रेगुलेटर का कहना है कि हालिया नोटिस उसकी कोलकाता अथॉरिटी की ओर से जारी किया गया था, इसलिए यह तय होना बाकी है कि दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर सकता है या नहीं।
जब तक इस मुद्दे पर फैसला नहीं हो जाता, आईटीसी के लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।
मई 2025 की एडवाइजरी से शुरू हुआ मामला
विवाद की शुरुआत FSSAI की मई 2025 की एडवाइजरी से हुई थी। इसमें फूड कंपनियों को प्रोडक्ट लेबल, पैकेजिंग और विज्ञापनों में “100%” जैसे दावों से बचने के लिए कहा गया था।
इसके बाद 10 अगस्त को आईटीसी को शो कॉज नोटिस जारी किया गया और जवाब देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया।
तीन दिन बाद आया दूसरा नोटिस
शो कॉज नोटिस के तीन दिन बाद FSSAI की कोलकाता अथॉरिटी ने आईटीसी को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर दिया। इसमें विवादित दावे हटाने और 15 दिन के भीतर कम्प्लायंस रिपोर्ट देने को कहा गया था।
नोटिस में यह भी कहा गया था कि निर्देश नहीं मानने पर कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है।
आईटीसी ने क्या दलील दी
आईटीसी का कहना है कि उसे शो कॉज नोटिस का जवाब देने का पूरा मौका मिलने से पहले ही इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर दिया गया। कंपनी ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या केवल एक एडवाइजरी के आधार पर ऐसे प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।
आईटीसी के मुताबिक विवाद प्रोडक्ट की क्वालिटी या उसकी सामग्री को लेकर नहीं बल्कि पैकेजिंग पर इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर है। कंपनी ने कहा है कि FSSAI ने यह आरोप नहीं लगाया कि आशीर्वाद एमपी चक्की आटा में मैदा है या इसमें इस्तेमाल गेहूं मध्य प्रदेश के बाहर से आता है।