फ्लाइट से ट्रैवल होगा और महंगा! घरेलू और इंटरनेशनल उड़ान पर बढ़ा फ्यूल चार्ज, जानें कितना बोझ बढ़ेगा
फेस्टिव सीजन में हवाई सफर की तैयारी कर रहे यात्रियों को अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। जेट फ्यूल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच IndiGo ने घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 6 अक्टूबर से होने वाली बुकिंग पर लागू होंगी। जानिए आपकी यात्रा कितनी महंगी हो सकती है।

In Short
- IndiGo के नए फ्यूल चार्ज 6 अक्टूबर से लागू होंगे।
- घरेलू रूट्स पर ₹375 से ₹1,300 तक बढ़ोतरी होगी।
- - इंटरनेशनल रूट्स पर फ्यूल चार्ज ₹10,000 तक बढ़ेगा।
त्योहारी सीजन से पहले हवाई सफर करने वालों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। IndiGo ने जेट फ्यूल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच फ्यूल चार्ज बढ़ाने का ऐलान किया है। नई दरें 6 अक्टूबर से लागू होंगी। इसका असर घरेलू और इंटरनेशनल दोनों तरह की फ्लाइट्स की नई बुकिंग पर पड़ेगा।
कितना बढ़ेगा फ्यूल चार्ज?
IndiGo ने घरेलू रूट्स पर फ्यूल चार्ज में ₹375 से ₹1,300 तक की बढ़ोतरी की है। वहीं इंटरनेशनल रूट्स पर यह बढ़ोतरी ₹1,000 से ₹10,000 तक होगी।
कंपनी के मुताबिक नई दरें 6 अक्टूबर 2026 को रात 12:01 बजे के बाद की जाने वाली सभी नई बुकिंग पर लागू होंगी।
ATF की कीमत में लगातार बढ़ोतरी
एयर टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमत तेल कंपनियों के 1 अक्टूबर के बदलाव के बाद करीब ₹121 प्रति लीटर से बढ़कर ₹137 प्रति लीटर हो गई है।
इससे पहले सितंबर में एविएशन फ्यूल की कीमत में ₹6.28 प्रति लीटर और अगस्त में ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। यानी ATF की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
IndiGo का कहना है कि ATF की लगातार बढ़ती लागत के कारण घरेलू और इंटरनेशनल रूट्स पर फ्यूल चार्ज में बदलाव करना पड़ा है।
एक महीने में 14% से ज्यादा बढ़ी कीमत
हाल के महीनों में ATF की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। खास तौर पर मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के बीच फ्यूल की कीमतें बढ़ी हैं। ताजा महीने में ATF की कीमत में 14% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और कीमतें पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई हैं।
एयरलाइंस के खर्च में ATF की बड़ी हिस्सेदारी
ATF किसी एयरलाइन के ऑपरेटिंग खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। सरकारी तेल कंपनियों के मुताबिक ATF की दरें करीब ₹16 प्रति लीटर बढ़ी हैं। इसके पीछे इंटरनेशनल बेंचमार्क कीमतों और रुपये-डॉलर के एक्सचेंज रेट का असर है।
जेट फ्यूल की एयरलाइन के ऑपरेटिंग खर्च में करीब 40% हिस्सेदारी होती है। ऐसे में लगातार महंगा होता ATF फ्लाइट चलाने की लागत बढ़ा सकता है।
IndiGo ने क्या कहा?
IndiGo का कहना है कि फ्यूल की बढ़ी हुई पूरी लागत की भरपाई के लिए फ्यूल चार्ज में इससे कहीं ज्यादा बढ़ोतरी करनी पड़ती। हालांकि यात्रियों पर असर कम रखने के लिए कंपनी ने सीमित बढ़ोतरी की है।
कंपनी ने यात्रियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को लेकर खेद जताया है। IndiGo ने कहा कि वह हालात पर नजर रखेगी और जरूरत के मुताबिक आगे फ्यूल चार्ज में बदलाव करेगी।