रेलवे के फ्रेट नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार, DFC से लेकर नई भर्तियों तक बड़ा प्लान

भारतीय रेलवे माल ढुलाई नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी में है। संसदीय समिति ने फ्रेट दरों की सालाना समीक्षा से लेकर फीडर रूट्स और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है। साथ ही मालगाड़ियों की आवाजाही बेहतर बनाने के लिए लोको क्रू की कमी दूर करने की सिफारिश की है।

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In Short

  • रेलवे में रोजाना औसतन चलने वाली मालगाड़ियों की संख्या 2024-25 में बढ़कर 6,789 हुई।
  • समिति ने फ्रेट दरों की सालाना समीक्षा और फीडर रूट्स को मजबूत करने पर जोर दिया।
  • लोको क्रू की कमी दूर करने के लिए 28,769 असिस्टेंट लोको पायलट और 6,560 गुड्स ट्रेन मैनेजर पद अधिसूचित हुए।

By Gaurav Kumar:

Railway Freight Plan: भारतीय रेलवे अपने फ्रेट यानी माल ढुलाई नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी में है। संसद की स्थायी समिति ने रेल मंत्रालय से उन इलाकों के लिए अलग रणनीति बनाने को कहा है जहां खनन और औद्योगिक गतिविधियां कम हैं। समिति की 9वीं रिपोर्ट 10 अगस्त को संसद में पेश की गई।

इसमें फ्रेट दरों की सालाना समीक्षा से लेकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने और लोको क्रू की कमी दूर करने तक कई अहम सुझाव दिए गए हैं।

रोजाना चलने वाली मालगाड़ियों की संख्या बढ़ी

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रेलवे में रोजाना औसतन चलने वाली मालगाड़ियों की संख्या 2021-22 में 4,968 थी। यह 2024-25 में बढ़कर 6,789 हो गई। इसके बावजूद समिति का मानना है कि माल ढुलाई कारोबार बढ़ाने और कम मांग वाले क्षेत्रों में रेलवे की मौजूदगी मजबूत करने के लिए और कदम उठाने की जरूरत है।

समिति ने रेल मंत्रालय से ऐसे क्षेत्रों के लिए जोन-वाइज रोडमैप तैयार करने को कहा है।

फ्रेट दरों की हर साल समीक्षा का सुझाव

रेल मंत्रालय ने समिति को बताया कि जोनल रेलवे डिविजनल रेलवे और बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स से मिलने वाले इनपुट के आधार पर समय-समय पर डेटा का विश्लेषण किया जाता है।

इसके आधार पर फ्रेट दरों में बदलाव और जरूरत पड़ने पर इंसेंटिव स्कीम तैयार की जाती हैं। हालांकि समिति ने फ्रेट दरों की सालाना समीक्षा को एक नियमित प्रक्रिया बनाने की सिफारिश की है। इसमें अलग-अलग वस्तुओं की मांग बाजार में प्रतिस्पर्धा लॉजिस्टिक्स लागत और रेलवे के ऑपरेशनल खर्च को शामिल करने की बात कही गई है।

प्राइवेट वैगन इन्वेस्टमेंट स्कीम की तारीफ

समिति ने कोयला ढुलाई के लिए रेलवे की रेक और वैगन उपलब्ध कराने की नीति का भी जिक्र किया है। प्राइवेट वैगन इन्वेस्टमेंट स्कीम के जरिए निजी निवेश बढ़ाने के प्रयास की सराहना की गई है।

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इसके साथ ही नेशनल कोल लॉजिस्टिक्स प्लान एंड पॉलिसी और 2012 में लाई गई पीपीपी नीति की मौजूदा स्थिति पर भी मंत्रालय से जानकारी मांगी गई है।

फीडर रूट्स और डीएफसी पर जोर

रेल मंत्रालय के मुताबिक औद्योगिक केंद्रों और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क के बीच माल की आवाजाही आसान बनाने के लिए फीडर रूट्स के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।

समिति ने मल्टीट्रैकिंग डीएफसी के ऑपरेशन और यार्ड के आधुनिकीकरण जैसे कदमों की भी सराहना की है।

क्रू की कमी दूर करने के लिए भर्ती

समिति ने लोको क्रू की कमी जल्द दूर करने को भी जरूरी बताया है। मंत्रालय के मुताबिक 2024 और 2025 में 28,769 असिस्टेंट लोको पायलट और 6,560 गुड्स ट्रेन मैनेजर पदों की रिक्तियां अधिसूचित की गईं।

2024 में विज्ञापित 18,799 असिस्टेंट लोको पायलट पदों के मुकाबले बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का चयन किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि इन भर्तियों से क्रू की कमी कम करने और मालगाड़ियों की आवाजाही को ज्यादा सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।


 

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