अमेरिकी बोर्डरूम में भारतीय पुरुषों का दबदबा बढ़ा, S&P 500 कंपनियों में रिकॉर्ड 16 नियुक्तियां
ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक ISS-Corporate और डेटा प्रोवाइडर Equilar के आंकड़ों के मुताबिक, इन नियुक्तियों में Walmart, Southwest Airlines और Western Digital जैसी कंपनियां शामिल हैं। इस साल केवल अमेरिकी पुरुषों और महिलाओं ने भारतीय पुरुषों से ज्यादा बोर्ड सीटें हासिल कीं।

अमेरिका की बड़ी कंपनियों के बोर्डरूम में भारतीय मूल के पुरुषों की मौजूदगी तेजी से बढ़ रही है। इस साल S&P 500 कंपनियों के बोर्ड में भारतीय मूल के 16 पुरुष शामिल हुए, जो अब तक का रिकॉर्ड है। ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक ISS-Corporate और डेटा प्रोवाइडर Equilar के आंकड़ों के मुताबिक, इन नियुक्तियों में Walmart, Southwest Airlines और Western Digital जैसी कंपनियां शामिल हैं। इस साल केवल अमेरिकी पुरुषों और महिलाओं ने भारतीय पुरुषों से ज्यादा बोर्ड सीटें हासिल कीं।
2018 से तीन गुना हुई हिस्सेदारी
यह बढ़त लंबे समय से चल रहे बदलाव का हिस्सा है। James Drury Partners के आंकड़ों के मुताबिक, Fortune 500 और S&P 500 कंपनियों के बोर्ड में भारतीय पुरुषों की हिस्सेदारी 2018 के बाद से तीन गुना हो गई है। इन 184 भारतीय पुरुष निदेशकों में 77 फीसदी के पास ऑपरेशनल या प्रॉफिट-एंड-लॉस मैनेजमेंट का अनुभव है, जबकि करीब दो-तिहाई CEO रह चुके हैं।
इस साल बोर्ड में शामिल हुए भारतीय पुरुषों में भी यही पैटर्न दिखता है। करीब दो-तिहाई मौजूदा या पूर्व CEO हैं। इनमें Stryker और Linde के शीर्ष अधिकारी और हाल में रिटायर हुए Albertsons के CEO शामिल हैं।
CEO अनुभव बना बड़ा आधार
Veeam Software के सीईओ आनंद ईश्वरन भी अप्रैल में F5 के बोर्ड में शामिल हुए। ईश्वरन के मुताबिक, भारतीय मूल के अधिकारियों की यह पीढ़ी अमेरिका में पहले पहुंचे भारतीय पेशेवरों की बनाई जमीन पर आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने शुरुआती नौकरियों से ऑपरेशनल भूमिकाओं तक पहुंचते हुए लगातार अपनी क्षमता साबित की है।
1999 में Rohm and Haas के सीईओ बने राज गुप्ता शुरुआती भारतीय मूल के कॉरपोरेट नेताओं में शामिल थे। उन्होंने 15 पब्लिक बोर्ड और सात प्राइवेट बोर्ड में काम किया। राज गुप्ता ने कहा कि करियर के शुरुआती दौर में मेंटर्स ने उन्हें बैठकों में खुलकर बोलने और नेतृत्व के लिए जरूरी सॉफ्ट स्किल्स विकसित करने की सलाह दी।
भारतीय महिलाओं की रफ्तार अलग
भारतीय पुरुषों की बढ़ती मौजूदगी के बीच भारतीय महिलाओं को समान गति नहीं मिली है। PepsiCo की पूर्व सीईओ इंदिरा नूयी इस साल Honeywell और Gap की पूर्व सीईओ सोनिया सिंघल Tractor Supply के बोर्ड में शामिल हुईं। डेटा के मुताबिक, CEO का अनुभव बोर्ड नियुक्तियों में अहम भूमिका निभा रहा है।
हालांकि, इस बढ़त के बीच अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों में बदलाव चिंता का विषय बना हुआ है। ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा पर कुछ मामलों में नियोक्ताओं के लिए 1 लाख डॉलर के भुगतान की शर्त लागू की है, जिसे अदालत में चुनौती दी गई है। USCIS के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 में मंजूर H-1B याचिकाओं में भारतीय मूल के कर्मचारियों की हिस्सेदारी करीब 71 फीसदी थी।
एशियन अमेरिकन फाउंडेशन के सीईओ नॉर्मन चेन ने कहा कि भारतीय पुरुषों की सफलता को पूरे एशियाई समुदाय की तस्वीर नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि एशियाई पुरुषों और महिलाओं के दूसरे समूह अब भी अमेरिकी बोर्डों में कम प्रतिनिधित्व रखते हैं।