India-US Trade Deal लगभग फाइनल, पीयूष गोयल बोले- जल्द होगा समझौते का ऐलान
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि समझौता लगभग पूरा हो चुका है। अब दोनों देशों के बीच भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी फायदा देने को लेकर अंतिम चर्चा जारी है।

In Short
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तैयार, पीयूष गोयल ने कहा कि समझौता जल्द लागू किया जा सकता है।
- फरवरी में दोनों देशों के बीच ट्रेड एग्रीमेंट के पहले चरण का फ्रेमवर्क तैयार हो चुका था, अब अंतिम मुद्दों पर चर्चा जारी है।
- भारत कई देशों के साथ FTA नेटवर्क बढ़ा रहा है, जिससे बड़े ग्लोबल बाजारों तक पहुंच का लक्ष्य है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड पैक्ट लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने इसे “डन एंड डस्टेड” बताते हुए कहा कि अब इसे लागू करने से पहले भारत को अमेरिकी बाजार में अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले सही फायदा मिलना जरूरी है।
नई दिल्ली में पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम में बोलते हुए गोयल ने कहा कि भारत ने 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप दिया है, जिसमें अमेरिका के साथ समझौता भी लगभग पूरा है।
प्रतिस्पर्धी फायदा मिलने के बाद होगा समझौता
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका को अब यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में उनके प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले उचित और बेहतर प्रतिस्पर्धी फायदा मिले। इसके बाद समझौते को तेजी से लागू किया जा सकेगा।
भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में टैरिफ व्यवस्था में बदलाव के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत आगे भी जारी रही।
75% ग्लोबल GDP वाले बाजारों तक पहुंच का लक्ष्य
गोयल ने कहा कि टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बीच भारत अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट नेटवर्क को बढ़ा रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत के व्यापार समझौते आगे चलकर ऐसे बाजारों तक प्राथमिक पहुंच दिला सकते हैं, जो दुनिया की करीब 75 फीसदी GDP का प्रतिनिधित्व करते हैं।
ये बयान ऐसे समय आया है जब पीयूष गोयल 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक अमेरिका के मिलवॉकी, विस्कॉन्सिन में होने वाली G20 ट्रेड मिनिस्ट्रियल बैठक में शामिल होने वाले हैं। इस दौरान उनकी अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें ट्रेड डील की प्रगति पर चर्चा होने की उम्मीद है।
भारत-EU ट्रेड डील पर भी बोले गोयल
भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी पीयूष गोयल ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नए यूरोपीय जलवायु और व्यापार नियमों जैसे कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और वनों से जुड़े नियमों के बावजूद भारत ने बातचीत में कुछ अहम फायदे हासिल किए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर यह समझौता पहले होता, तो भारत ज्यादा रियायतें हासिल कर सकता था। गोयल के मुताबिक, यूरोपीय संघ द्वारा स्टील निर्यात को सीमित करने की कोशिशों के बीच भारत ने कृषि और अन्य क्षेत्रों के लिए सुरक्षा, अतिरिक्त स्टील कोटा और जलवायु वित्त के लिए 500 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त प्रतिबद्धता हासिल की है।
कनाडा, मैक्सिको और अन्य देशों से भी बातचीत जारी
पीयूष गोयल ने कहा कि कनाडा के साथ व्यापार वार्ता तेजी से आगे बढ़ रही है। वहीं मैक्सिको के साथ बातचीत के लिए शर्तें तय हो चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ बातचीत का पहला दौर अक्टूबर में होगा। इसके अलावा चिली के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता जल्द हो सकता है, जबकि पेरू के साथ डील प्रतिस्पर्धी हितों के कारण संभव नहीं हो सकती।
उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल के साथ व्यापार समझौते में भू-राजनीतिक स्थिति के कारण समय लग सकता है।
RCEP और चीन को लेकर भी रखा पक्ष
चीन और रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप (RCEP) पर गोयल ने कहा कि भारत शुरुआती बातचीत का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा कि उस समय RCEP में शामिल होने का मतलब प्रभावी रूप से चीन के साथ FTA में प्रवेश करना होता।
उन्होंने बताया कि भारत पहले ही ASEAN, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ व्यापार समझौते कर चुका है और ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड के साथ भी बातचीत कर रहा था।