रूस से तेल खरीद और प्रतिबंधों पर चर्चा, UNGA में जयशंकर-रूबियो की मुलाकात में उठे कई बड़े मुद्दे

भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों एस जयशंकर और मार्को रूबियो की न्यूयॉर्क में हुई बैठक में रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक हालात पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक साझेदारी, खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की स्थिति पर भी विचार साझा किए।

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In Short

  • जयशंकर और मार्को रूबियो की न्यूयॉर्क में हुई बैठक में रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों पर चर्चा हुई।
  • अमेरिका ने रूस और ईरान के साथ आर्थिक गतिविधियां करने वाले देशों पर संभावित प्रतिबंधों को लेकर विचार साझा किए।
  • भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताओं को दोहराते हुए विविध स्रोतों से ऊर्जा खरीद जारी रखने की बात कही।

By Sonam:

भारत और अमेरिका ने ऊर्जा सुरक्षा और प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच बुधवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान बैठक हुई।

इस बैठक में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात, इंडो-पैसिफिक साझेदारी, खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की स्थिति समेत कई मुद्दों पर बातचीत की। यह मुलाकात रूबियो के 19 अक्टूबर को होने वाले भारत दौरे से पहले हुई है।

रूस और ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर चर्चा

अमेरिकी विदेश विभाग के बयान के मुताबिक, जयशंकर और रूबियो ने रूस और ईरान के साथ आर्थिक गतिविधियां करने वाले देशों पर लगाए जा सकने वाले प्रतिबंधों को लेकर विचार साझा किए।

बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में हो रहे घटनाक्रम पर चर्चा की। साथ ही, अमेरिका ने कहा कि वह क्षेत्रीय साझेदारों की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों में मदद करने की स्थिति में है।

इंडो-पैसिफिक साझेदारी को लेकर दोहराई प्रतिबद्धता

बैठक के दौरान जयशंकर और रूबियो ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की अहम भूमिका को दोहराया। दोनों देशों ने कहा कि यह साझेदारी सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है।

Image Credit : Business Today

जयशंकर ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने रूस प्रतिबंध कानून को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। उन्होंने खाड़ी और यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की।

ट्रंप ने साइन किया रूस-ईरान प्रतिबंध कानून

पिछले शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 का Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act साइन किया था। इस कानून के तहत रूस पर पहले से मौजूद प्रतिबंधों को बढ़ाने और नए प्रतिबंध, टैरिफ और रोक लगाने का प्रावधान है। इसमें ईरान से जुड़े मौजूदा प्रतिबंधों को भी आगे बढ़ाया गया है।

इस कानून का नाम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने वाला प्रतिबंध विधेयक प्रस्तावित किया था।

भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर रखी अपनी बात

संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा था कि नए कानून से उन्हें रूसी तेल खरीदने वाले बड़े देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार मिलेगा, जिसमें भारत और चीन भी शामिल हैं।

वहीं, भारत ने कहा है कि वह अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा खरीद जारी रखेगा।

जयशंकर और रूबियो की बैठक में ऊर्जा आपूर्ति, रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के अलावा खाड़ी, यूक्रेन और इंडो-पैसिफिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

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