भारत के टॉप 3 बिजनेस परिवारों की दौलत ₹42 लाख करोड़, जानें अंबानी बिरला और जिंदल में कौन सबसे आगे

भारत के सबसे बड़े बिजनेस परिवारों की दौलत में बड़ा उछाल दिखा है। अंबानी, बिरला और जिंदल परिवार मिलकर करीब ₹42 लाख करोड़ की वैल्यू पर पहुंच गए हैं। वहीं अडानी फर्स्ट-जेनरेशन बिजनेस परिवारों में सबसे आगे हैं। रिपोर्ट में टॉप 300 फैमिली बिजनेस की ताकत भी सामने आई है।

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In Short

  • अंबानी परिवार ₹25.8 लाख करोड़ की वैल्यू के साथ देश का सबसे वैल्युएबल बिजनेस परिवार
  • बिरला परिवार ₹8.1 लाख करोड़ और जिंदल परिवार ₹8 लाख करोड़ की वैल्यू के साथ टॉप-3 में
  • फर्स्ट-जेनरेशन बिजनेस परिवारों में अडानी ₹19.57 लाख करोड़ की वैल्यू के साथ सबसे आगे

By Gaurav Kumar:

भारत के बड़े बिजनेस घरानों की ताकत लगातार बढ़ रही है। ताजा बार्कलेज और हुरुन इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 तक देश के तीन सबसे वैल्युएबल बिजनेस परिवारों की कुल वैल्यू करीब ₹42 लाख करोड़ पहुंच गई। इसमें अंबानी, कुमार मंगलम बिरला और जिंदल परिवार सबसे आगे हैं। इन तीनों की कुल वैल्यू भारत के लिस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन के करीब 9% के बराबर है। अब जानते हैं कि टॉप परिवारों की वैल्यू कितनी है, किसकी रैंकिंग बदली और फर्स्ट-जेनरेशन बिजनेस परिवारों में कौन सबसे आगे है।

अंबानी परिवार ₹25.8 लाख करोड़ के साथ नंबर वन

रिपोर्ट के मुताबिक, अंबानी परिवार भारत का सबसे वैल्युएबल बिजनेस परिवार है। इसकी कुल वैल्यू ₹25.8 लाख करोड़ आंकी गई है। यह दूसरे नंबर पर मौजूद कुमार मंगलम बिरला परिवार की वैल्यू से करीब तीन गुना है। बिरला परिवार की वैल्यू ₹8.1 लाख करोड़ है, जबकि जिंदल परिवार ₹8 लाख करोड़ की वैल्यू के साथ तीसरे नंबर पर है।

एक साल में ₹1.57 लाख करोड़ बढ़ी टॉप-3 की वैल्यू

अंबानी, बिरला और जिंदल परिवारों की कंबाइंड वैल्युएशन पिछले एक साल में ₹1.57 लाख करोड़ बढ़ी है। इसके बाद इन तीनों की कुल वैल्यू 444 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹42 ट्रिलियन या ₹42 लाख करोड़ हो गई है। इससे साफ है कि देश के पुराने और बड़े बिजनेस घरानों की मार्केट वैल्यू में अभी भी मजबूत बढ़त बनी हुई है।

टॉप 300 फैमिली बिजनेस की वैल्यू ₹138 लाख करोड़

रिपोर्ट में सिर्फ टॉप-3 ही नहीं, बल्कि देश के 300 बड़े फैमिली-ओन्ड बिजनेस को भी शामिल किया गया है। इनकी कुल वैल्यू ₹138 ट्रिलियन यानी करीब 1.46 ट्रिलियन डॉलर है। वहीं भारत के टॉप-10 सबसे वैल्युएबल परिवारों की कंबाइंड वैल्युएशन जून 2026 में ₹70.5 लाख करोड़ रही, जो एक साल पहले ₹69 ट्रिलियन थी।

टॉप-10 में आने के लिए अब चाहिए ₹2.5 लाख करोड़ की वैल्यू

देश के टॉप-10 बिजनेस परिवारों में जगह बनाना भी पहले से मुश्किल हुआ है। एक साल में एंट्री थ्रेशोल्ड करीब 14% बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ हो गया है। यानी लीडिंग फैमिली बिजनेस की वैल्युएशन में तेजी आई है और रैंकिंग में बने रहने के लिए ज्यादा वैल्यू जरूरी हो गई है।

अनिल अग्रवाल परिवार की रैंकिंग में बड़ी छलांग

वेदांता ग्रुप चलाने वाला अनिल अग्रवाल परिवार इस बार तेजी से ऊपर आया है। परिवार की वैल्युएशन एक साल में 74.7% बढ़ी और रैंकिंग में तीन पायदान की छलांग लगाकर यह छठे नंबर पर पहुंच गया। यह टॉप परिवारों में वैल्युएशन ग्रोथ के सबसे बड़े मामलों में से एक रहा।

नाडार और प्रेमजी परिवार की वैल्यू घटी

हर बिजनेस परिवार की वैल्युएशन नहीं बढ़ी है। टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े नाडार और प्रेमजी परिवार रैंकिंग में नीचे आए हैं। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के नाडार परिवार की वैल्युएशन 38% घटी और वह आठवें नंबर पर आ गया। वहीं विप्रो से जुड़े प्रेमजी परिवार की वैल्युएशन 2.3% कम हुई और वह नौवें नंबर पर रहा।

फर्स्ट-जेनरेशन परिवारों में अडानी सबसे आगे

फर्स्ट-जेनरेशन बिजनेस परिवारों में अडानी परिवार ₹19.57 लाख करोड़ की वैल्युएशन के साथ पहले नंबर पर है। इसके बाद सुनील भारती मित्तल का परिवार है, जिसके भारती एयरटेल की अगुवाई वाले बिजनेस की वैल्यू ₹12.1 लाख करोड़ है। सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज के फाउंडर दिलीप सांघवी ₹4.54 लाख करोड़ की वैल्युएशन के साथ तीसरे नंबर पर हैं।

54 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे ये बिजनेस

रिपोर्ट के मुताबिक, 300 फैमिली ग्रुप्स ने पिछले दो साल में हर दिन औसतन करीब ₹4,076 करोड़ की वैल्यू जोड़ी है। इनकी कुल वैल्यू 2024 में करीब ₹30 लाख करोड़ बढ़ी, जबकि मार्च में जारी 2025 एडिशन में इसमें और ₹1.23 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ये फैमिली-ओन्ड बिजनेस 54 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं और करीब ₹56 लाख करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट करते हैं। इनमें फर्स्ट-जेनरेशन फैमिली बिजनेस अकेले 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं।

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