2047 तक 100 GW Nuclear Energy का लक्ष्य, प्रधानमंत्री ने बताई भारत की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया। उन्होंने पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की तैयारी और कल्पक्कम के फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की उपलब्धि का भी जिक्र किया। इसके साथ ही पाइप्ड गैस, सौर ऊर्जा और भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

In Short
- भारत ने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा
- कल्पक्कम के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकलिटी हासिल की
- भारत की सौर ऊर्जा क्षमता बढ़कर 160 GW हुई
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत ने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही देश पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।
2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि देश पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत ने इस साल फास्ट ब्रीडर परमाणु तकनीक में महारत हासिल की है। इसे परमाणु ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और बड़ा कदम बताया गया।
कल्पक्कम के रिएक्टर ने हासिल की क्रिटिकलिटी
प्रधानमंत्री ने बताया कि तमिलनाडु के कल्पक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने इस साल क्रिटिकलिटी हासिल की है। उन्होंने इसे परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आज की जरूरत है और इसी वजह से परमाणु ऊर्जा को भारत की भविष्य की ऊर्जा योजनाओं में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए संसद में शांति कानून भी पारित किया है।
पाइप्ड गैस का दायरा भी बढ़ा
प्रधानमंत्री ने पाइप्ड गैस और सौर ऊर्जा के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश के करीब 70 शहरों में पाइप्ड गैस की सुविधा थी, जो अब बढ़कर 700 शहरों तक पहुंच गई है।
पाइप्ड गैस की सुविधा लेने वाले घरों की संख्या भी करीब 20 से 22 लाख से बढ़कर लगभग 1.75 करोड़ हो गई है।
सौर ऊर्जा क्षमता में बड़ा इजाफा
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2014 में 2 GW थी, जो अब बढ़कर 160 GW हो गई है।
उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख से ज्यादा परिवार सौर ऊर्जा अपना चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना पर तेजी से काम जारी है।
भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का हर उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुंचना चाहिए। इसमें कपड़ा, मशीनरी और दवाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक मानकों पर खरा उतरना होगा। साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता दुनिया में उपलब्ध उत्पादों से बेहतर और कीमत ज्यादा प्रतिस्पर्धी रखने की जरूरत है।
ईंधन की कमी को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री
पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर चिंता थी। उन्होंने कहा कि सरकार के कदमों की वजह से देश में फिलहाल गैस, ईंधन और यूरिया की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि संकट के दौरान भारत ने पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखी। बढ़ती आत्मनिर्भरता ने भी अनिश्चितता के दौर में भारत को दबाव का सामना करने में मदद की।
40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भारत की क्षमताओं को तेजी से पहचान रही है। उन्होंने 40 देशों के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए इसे देश की बढ़ती वैश्विक आर्थिक स्थिति से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचना चाहिए और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना होगा।