डिजिटल रुपये से विदेशों में भी हो सकेगा पेमेंट! भारत ने थाईलैंड, मलेशिया और वियतनाम से बढ़ाई बातचीत

भारत डिजिटल पेमेंट की दुनिया में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। डिजिटल रुपये को दूसरे देशों की डिजिटल करेंसी से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। आखिर किन देशों के साथ बातचीत आगे बढ़ी है और इससे अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में क्या बदलाव आ सकता है? जानिए पूरी खबर।

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In Short

  • भारत Thailand, Malaysia और Vietnam के साथ CBDC कनेक्शन को लेकर कर रहा है बातचीत
  • डिजिटल रुपये से Cross-Border Payments को तेज और आसान बनाने की तैयारी
  • BRICS देशों के बीच Payment System Interoperability बढ़ाने पर जोर

By Gungun Mishra:

भारत अब अंतरराष्ट्रीय भुगतान व्यवस्था को और आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। भारत अपने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) यानी डिजिटल रुपये को BRICS सहयोगी देशों की डिजिटल करेंसी से जोड़ने की संभावनाएं तलाश रहा है। सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, Thailand, Malaysia और Vietnam के साथ इस दिशा में बातचीत आगे बढ़ चुकी है।

इस कदम का मकसद सीमा पार होने वाले भुगतान यानी Cross-Border Payments को तेज, आसान और ज्यादा प्रभावी बनाना है। भारत BRICS देशों के बीच भुगतान कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए भी काम कर रहा है।

BRICS देशों के साथ Payment System को मजबूत करने की कोशिश

भारत ने पहले भी BRICS देशों के बीच CBDC को जोड़ने का प्रस्ताव रखा था। इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान को ज्यादा तेज, कम खर्चीला और आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS Summit के बाद इस दिशा में चर्चा और तेज हुई है। इस समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई देशों के नेता शामिल हुए थे।

12 सितंबर को जारी नई दिल्ली घोषणा पत्र में Payment System की आपसी कनेक्टिविटी बढ़ाने और व्यापार व निवेश में स्थानीय मुद्राओं के ज्यादा इस्तेमाल की दिशा में काम करने का समर्थन किया गया था। हालांकि, इसमें यह भी कहा गया कि सभी देशों के लिए एक ही तरीका काम नहीं कर सकता।

 

 

Image Credit: ITG

डिजिटल रुपये से हो सकता है विदेशों में भुगतान आसान

CBDC किसी देश की आधिकारिक मुद्रा का डिजिटल रूप होता है, जिसे वहां का केंद्रीय बैंक जारी करता है। यह क्रिप्टोकरेंसी से अलग होती है क्योंकि इसे केंद्रीय बैंक का समर्थन हासिल होता है।

भारत का डिजिटल रुपया यानी e-Rupee भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विकसित किया जा रहा है। इसे रिटेल और होलसेल दोनों इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है।

अगर डिजिटल रुपये को दूसरे देशों की CBDC से जोड़ा जाता है, तो भुगतान प्रक्रिया में शामिल बिचौलियों की संख्या कम हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय लेनदेन ज्यादा तेज और आसान हो सकते हैं।

RBI भी तलाश रहा है डिजिटल रुपये के नए इस्तेमाल

RBI डिजिटल रुपये के नए उपयोगों पर काम कर रहा है। इनमें दो से तीन देशों के साथ Cross-Border Transactions की संभावनाएं भी शामिल हैं। हालांकि, डिजिटल रुपया अभी पायलट चरण में है और इसके इस्तेमाल के नए तरीकों की पहचान की जा रही है।

भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भुगतान के कई विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इसमें स्थानीय मुद्रा में लेनदेन, द्विपक्षीय मुद्रा व्यवस्था और रुपये के ज्यादा इस्तेमाल को बढ़ावा देना शामिल है।

भारत का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए किसी एक मुद्रा पर निर्भर रहने के बजाय कई विकल्प तैयार करना है, जिससे भुगतान व्यवस्था ज्यादा लचीली और आसान बन सके।

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