मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव तो भारत की Oil Supply पर दिखा असर, Refiners के सामने नई मुश्किल

मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर भारत की Crude Oil Supply पर दिखने लगा है। BPCL की कई Cargo तय समय पर नहीं पहुंचीं, जबकि IOC की Delivery Schedule भी बदली है। ऐसे में Refiners को जल्द वैकल्पिक Oil खरीदनी पड़ी, जिससे लागत बढ़ने की स्थिति बन गई है।

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Crude Oil India
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In Short

  • BPCL की Persian Gulf से आने वाली चार Oil Cargo अगस्त में तय समय पर नहीं पहुंचीं।
  • IOC की Crude Oil Delivery Schedule में भी बदलाव हुआ, Refiners को वैकल्पिक Cargo खरीदनी पड़ी।
  • Russian Urals Crude अब करीब 2 Dollar प्रति Barrel के Premium पर मिल रहा है।

By BT बाज़ार डेस्क:

भारत को कच्चे तेल की सप्लाई पर मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर दिखने लगा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार,  कम से कम दो भारतीय रिफाइनरियों को तय समय पर Oil Cargo नहीं मिलने के बाद ज्यादा महंगे वैकल्पिक Crude की व्यवस्था करनी पड़ी है। सरकारी कंपनी Bharat Petroleum Corporation Limited यानी BPCL की अगस्त में Persian Gulf से आने वाली चार Cargo तय समय पर नहीं पहुंचीं। वहीं Indian Oil Corporation यानी IOC की Delivery Schedule में भी बदलाव हुआ है।

BPCL की चार Cargo समय पर नहीं पहुंचीं

मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, BPCL को अगस्त में Persian Gulf से चार Cargo मिलने वाली थीं, लेकिन इनकी Delivery तय Schedule के मुताबिक नहीं हो सकी।

इन चार Shipments में दो संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE से, एक Saudi Arabia से और एक Kuwait से आने वाली थी। Kuwait वाली Shipment एक Trader के जरिए सप्लाई की जा रही थी।

दूसरी तरफ IOC को भी अपनी कुछ Oil Deliveries के Schedule में बदलाव का सामना करना पड़ा है।

 महंगा Crude खरीदने की नौबत

अचानक हुई इन देरी की वजह से भारतीय Refiners को कम समय में दूसरी जगह से Crude Oil का इंतजाम करना पड़ा। इसके चलते हाल में Purchase Tenders और Cargo खरीदने की गतिविधियां बढ़ी हैं।

Refiners आम तौर पर कई हफ्ते या महीनों पहले Crude की खरीद की योजना बनाते हैं। इससे Freight Cost, Crude Grade और Refinery Operations को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके। लेकिन अगर तय Cargo देर से आती है, तो Refinery को जल्दी पहुंचने वाला Replacement Crude खरीदना पड़ सकता है, जिसकी कीमत ज्यादा होती है। 

Image Credit: AAJ TAK

होर्मुज स्ट्रेट पर बनी चिंता

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Oil Consumer है और Middle East से आने वाला Crude देश के लिए अहम है। भारत Middle East के अपेक्षाकृत करीब होने के बावजूद वहां से आने वाली ज्यादातर Oil Cargo के लिए Strait of Hormuz पर निर्भर करता है।

यह Waterway Persian Gulf को Global Oil Market से जोड़ता है। Iran और US के बीच इसे लेकर विवाद जारी रहने से Shipping पर खतरा बना हुआ है।

Russian Oil भी हुआ महंगा

भारत के सामने चुनौती सिर्फ Middle East तक सीमित नहीं है। Russia से आने वाले Crude Oil पर भी दबाव बढ़ा है। Ukraine की ओर से Russian Energy Infrastructure पर लगातार हमलों के कारण वहां से आने वाली Supply प्रभावित हुई है।

Russia के Western Ports से आने वाला Urals Crude अब करीब 2 Dollar प्रति Barrel के Premium पर मिल रहा है, जबकि कुछ हफ्ते पहले तक यह Discount पर उपलब्ध था।

हालांकि हाल की खरीदारी के बाद Indian Refiners ने अक्टूबर तक की जरूरतों के लिए पर्याप्त Orders का इंतजाम कर लिया है। अब कई कंपनियां मुख्य रूप से नवंबर की Deliveries की तैयारी कर रही हैं। BPCL और IOC ने मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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