सितंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है विदेशी मुद्रा भंडार! Foreign Reserves में लगातार पांचवें हफ्ते बढ़ोतरी

ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपर्ट का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया कदमों के बाद बढ़े कैपिटल फ्लो से विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार इजाफा हो रहा है।

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By BT बाज़ार डेस्क:

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) अगले कुछ हफ्तों में रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच सकता है। ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपर्ट का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया कदमों के बाद बढ़े कैपिटल फ्लो से विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार इजाफा हो रहा है।

पांच हफ्तों से लगातार बढ़ रहा भंडार

RBI के आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 10.5 अरब डॉलर बढ़कर 692.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह जनवरी के आखिर के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी है। इसके साथ ही भंडार फरवरी में बने 728.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर के काफी करीब पहुंच गया है।

विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार पांचवें सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून की शुरुआत से RBI के उपायों के चलते प्रवासी भारतीयों की विदेशी मुद्रा जमा और विदेशी उधारी के जरिए 40.8 अरब डॉलर का पूंजी प्रवाह आया है।

सितंबर तक 730 अरब डॉलर का स्तर संभव

IDFC First Bank की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेन गुप्ता का अनुमान है कि यदि सोने और गैर-डॉलर परिसंपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन से बड़ा नुकसान नहीं होता, तो सितंबर तक विदेशी मुद्रा भंडार करीब 730 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। उनके मुताबिक RBI के कदमों से कुल 90 से 100 अरब डॉलर तक का पूंजी प्रवाह आकर्षित हो सकता है।

विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने से RBI के पास रुपये को सहारा देने की क्षमता भी मजबूत होगी। मई में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद रुपया अब तक करीब 1.8 फीसदी की रिकवरी कर चुका है।

रिकॉर्ड बनने पर अभी भी अनिश्चितता

हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि विदेशी मुद्रा भंडार का नया रिकॉर्ड बनना तय नहीं है। यदि RBI रुपये को समर्थन देने के लिए डॉलर की बिक्री जारी रखता है या उसके फॉरवर्ड डॉलर सौदों की परिपक्वता बढ़ती है, तो भंडार पर दबाव आ सकता है।

HDFC Bank की मुख्य अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता का कहना है कि यह कहना मुश्किल है कि विदेशी मुद्रा भंडार फिर से रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचेगा या नहीं, क्योंकि RBI बाजार में हस्तक्षेप और फॉरवर्ड डॉलर सौदों के निपटान के लिए अपने भंडार का उपयोग भी कर रहा है।

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