सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर सरकार ने की बंपर कमाई, ढाई महीने में खजाने में आए ₹10,463 करोड़

गोल्ड और सिल्वर पर कस्टम्स ड्यूटी बढ़ाने का फैसला सरकार के लिए बड़ी कमाई लेकर आया है। करीब ढाई महीने में प्रेशियस मेटल्स से ₹10,463 करोड़ का रेवेन्यू मिला है। लेकिन इसके साथ गोल्ड डिमांड घटी है और स्मगलिंग के खिलाफ कार्रवाई में 160.91 किलो गोल्ड भी जब्त किया गया।

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In Short

  • गोल्ड पर बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी से 13 मई से 2 अगस्त के बीच केंद्र सरकार को ₹10,040 करोड़ का रेवेन्यू मिला
  • गोल्ड सिल्वर और प्लैटिनम से हायर कस्टम्स ड्यूटी के जरिए सरकार ने कुल ₹10,463 करोड़ जुटाए
  • 13 मई से 30 जून के बीच 160.91 किलो गोल्ड जब्त हुआ 287 केस दर्ज और 116 लोग गिरफ्तार हुए

By Gaurav Kumar:

सोना, चांदी और प्लैटिनम की बढ़ती कीमतों और वेस्ट एशिया क्राइसिस के बीच सरकार ने इस साल प्रेशियस मेटल्स के इंपोर्ट पर कस्टम्स ड्यूटी बढ़ाई थी। अब इस फैसले से सरकार को हुई कमाई का आंकड़ा सामने आया है। इसके साथ ही गोल्ड स्मगलिंग पर हुई कार्रवाई और देश में गोल्ड डिमांड पर पड़े असर की जानकारी भी संसद में दी गई है। आइए समझते हैं कि बढ़ी हुई ड्यूटी से सरकार ने कितना रेवेन्यू जुटाया और इसके बाद इंपोर्ट से लेकर डिमांड तक क्या बदलाव देखने को मिला।

गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी से अकेले आए ₹10,040 करोड़

लोकसभा में सोमवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, 13 मई से 2 अगस्त 2026 के बीच गोल्ड पर बढ़ी हुई इंपोर्ट ड्यूटी से केंद्र सरकार को ₹10,040 करोड़ का रेवेन्यू मिला। इसमें प्लैटिनम प्लेटेड गोल्ड के साथ अनरॉट, सेमी-मैन्युफैक्चर्ड और पाउडर फॉर्म में आने वाला गोल्ड भी शामिल है।

इसी अवधि में सिल्वर पर बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी से सरकार को ₹328 करोड़ मिले। वहीं प्लैटिनम से ₹95 करोड़ का रेवेन्यू आया। इस तरह गोल्ड, सिल्वर और प्लैटिनम को मिलाकर सरकार ने कुल ₹10,463 करोड़ जुटाए।

13 मई से बढ़ाई गई थी कस्टम्स ड्यूटी

मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर फाइनेंस पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि गोल्ड, सिल्वर और प्रेशियस मेटल्स पर इफेक्टिव कस्टम्स ड्यूटी को 13 मई 2026 से बढ़ाया गया था।

सरकार ने वेस्ट एशिया क्राइसिस के बीच बढ़ती ग्लोबल वोलैटिलिटी और प्रेशियस मेटल्स की ऊंची कीमतों को देखते हुए यह कदम उठाया था। गोल्ड और सिल्वर पर कस्टम्स ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया था।

इसका मकसद प्रेशियस मेटल्स के इंपोर्ट बिल को कम करना, फॉरेक्स रिजर्व्स पर दबाव घटाना और करंट अकाउंट डेफिसिट को कंट्रोल करना था।

160.91 किलो गोल्ड जब्त, 116 लोग गिरफ्तार

बढ़ी हुई ड्यूटी के बाद गोल्ड स्मगलिंग के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। सरकार के मुताबिक, 13 मई से 30 जून के बीच कुल 160.91 किलो गोल्ड जब्त किया गया।

इस दौरान 287 केस दर्ज किए गए और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया कि देश के घरों में कितना गोल्ड बिना इस्तेमाल के पड़ा है, इसका कोई एस्टिमेट या डेटा सरकार के पास मौजूद नहीं है।

सिल्वर इंपोर्ट के नियम भी किए गए सख्त

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड यानी डीजीएफटी ने प्रेशियस मेटल्स के इंपोर्ट को कंट्रोल करने के लिए कुछ और कदम भी उठाए।

सिल्वर को रिस्ट्रिक्टेड इंपोर्ट कैटेगरी में डाल दिया गया है। यानी अब सिल्वर इंपोर्ट करने के लिए इंपोर्टर्स को लाइसेंस लेना जरूरी है।

इसके अलावा एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत ड्यूटी-फ्री गोल्ड इंपोर्ट की सीमा को एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलो तक सीमित कर दिया गया है।

गोल्ड डिमांड में 6% की गिरावट

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच भारत में गोल्ड डिमांड सालाना आधार पर 6% घटकर 131.4 टन रह गई।

इस गिरावट के पीछे हायर इंपोर्ट ड्यूटीज के साथ सीजनली सबड्यूड सेल्स को भी बड़ी वजह माना गया। यानी ड्यूटी बढ़ने का असर सिर्फ सरकारी रेवेन्यू पर नहीं, बल्कि देश में गोल्ड की डिमांड पर भी साफ दिखाई दिया।

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