Independence Day 2026: PM Modi ने लाल किले से बताया 'शक्ति की सप्तधारा' का रोडमैप
Independence Day के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ‘शक्ति की सप्तधारा’ का रोडमैप पेश किया। पीएम मोदी ने अगले पांच से सात वर्षों के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों- मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर पर जोर दिया। जानिए क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’ और विकसित भारत के लक्ष्य में इन सात धाराओं की क्या भूमिका होगी।

In Short
- PM मोदी ने विकसित भारत के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का रोडमैप पेश किया
- रक्षा आत्मनिर्भरता, AI, 6G, स्पेस और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर जोर
- ग्रीन इकोनॉमी, ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ावा देने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अगले दौर के सुधारों के लिए सात सूत्रीय एजेंडा ‘शक्ति की सप्तधारा’ पेश किया। उन्होंने इसे विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का रोडमैप बताया। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले पांच से सात साल देश के लिए बेहद अहम होंगे और इन सात धाराओं के जरिए भारत के विकास को नई रफ्तार देने का प्रयास किया जाएगा।
क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’?
पीएम मोदी द्वारा बताए गए सात प्रमुख क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं। इन सात क्षेत्रों को भारत की ताकत और विकास की अगली दिशा के महत्वपूर्ण आधार के तौर पर पेश किया गया है।
1. मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
‘सप्तधारा’ में सबसे पहली धारा मैन्युफैक्चरिंग पावर है। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय उत्पादों को लागत, गुणवत्ता और उत्पादन के स्तर पर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना होगा। भारत को केवल दुनिया के लिए एक बड़ा बाजार बनने के बजाय ग्लोबल सप्लायर बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
पीएम मोदी ने भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर विस्तार करने और अपनी क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने भारत की कंपनियों को दुनिया की बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।
2. कृषि और फूड प्रोसेसिंग
दूसरी धारा कृषि और फूड प्रोडक्शन से जुड़ी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय किसानों के लिए वैश्विक बाजारों में नए अवसर खुल रहे हैं। भारत के मसाले, मोटे अनाज, पारंपरिक खाद्य उत्पाद, फल और फूल दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने खेत से लेकर वैश्विक बाजार तक पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने और कृषि उत्पादों को वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया।
3. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
तीसरी धारा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्र शामिल हैं।
पीएम मोदी ने भारत को इनोवेशन का ग्लोबल हब बनाने पर जोर दिया। उन्होंने नई तकनीकों में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाने और मेड इन इंडिया 6G को देश के हर हिस्से तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।
4. गति शक्ति से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
चौथी धारा गति शक्ति है। इसका फोकस देश में तेज, बेहतर और एकीकृत कनेक्टिविटी विकसित करने पर है। इसके तहत सड़क, रेल, बंदरगाह, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को बेहतर तरीके से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों और सामान की आवाजाही आसान होगी, बल्कि उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
5. रक्षा शक्ति: आत्मनिर्भर डिफेंस पर जोर
‘शक्ति की सप्तधारा’ की पांचवीं धारा रक्षा शक्ति है। इसमें भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
पीएम मोदी ने भारत को रक्षा उपकरणों और तकनीकों का एक बड़ा वैश्विक सप्लायर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों, आधुनिक हथियार प्रणालियों और हाइपरसोनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।
इसका उद्देश्य रक्षा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ भारत को रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक शक्ति बनाना है।
6. ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी
छठी धारा ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी है। इसके तहत पर्यावरण के अनुकूल विकास के साथ समुद्री संसाधनों की क्षमता का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, फिशरीज, कोस्टल टूरिज्म और ओशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र इस धारा का हिस्सा हैं। इसका लक्ष्य विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करते हुए भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
7. भारत की सॉफ्ट पावर बनेगी वैश्विक पहचान
सप्तधारा की सातवीं और अंतिम धारा भारत की सॉफ्ट पावर है। इसमें भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और रचनात्मक ताकत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
पीएम मोदी ने योग, आयुर्वेद, पर्यटन, भारतीय संस्कृति, रचनात्मक क्षेत्र और भारत की विरासत को देश की वैश्विक ताकत के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही। भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूत करने से देश की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ पर्यटन, रचनात्मक उद्योग और वैश्विक प्रभाव को भी बढ़ावा मिल सकता है।
युवाओं की शक्ति से विकसित भारत का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि इन सात धाराओं के जरिए देश के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जाएगा। उनका कहना है कि आने वाले पांच से सात साल भारत के लिए निर्णायक होंगे और इन क्षेत्रों में तेजी से काम करके देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस तरह ‘शक्ति की सप्तधारा’ को प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अगली विकास यात्रा के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित एक व्यापक रोडमैप के रूप में पेश किया है।