मुंबई की इस रियल्टी कंपनी का मेगा प्लान, बड़े प्रोजेक्ट्स का होगा विलय, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा की पाइपलाइन
मुंबई की रियल एस्टेट कंपनी हबटाउन बड़े प्रोजेक्ट्स को एक छत के नीचे लाने की तैयारी कर रही है। इस रीऑर्गनाइजेशन से कंपनी की प्रोजेक्ट पाइपलाइन और कारोबार का आकार बढ़ सकता है। FY26 में प्री-सेल्स, कलेक्शन और मुनाफे में भी सुधार दर्ज किया गया है।

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन पर फोकस करने वाली रियल एस्टेट कंपनी हबटाउन लिमिटेड (Hubtown Ltd) अपने कई बड़े प्रोजेक्ट्स को कंपनी के तहत समेटने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद ऑपरेशनल परफॉर्मेंस बेहतर करना और कंपनी के पास बड़े डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन तैयार करना है।
बीएसई पर आज यह शेयर 1.64% या 2.85 रुपये गिरकर 170.65 रुपये पर बंद हुआ और एनएसई पर स्टॉक 1.37% या 2.38 रुपये टूटकर 171 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
रीऑर्गनाइजेशन प्लान के तहत हबटाउन प्रमोटर-होल्डिंग वाली उन इकाइयों का विलय करेगी, जिनके पास 25 Downtown, 25 South, 25 West और Rising City जैसे प्रोजेक्ट्स हैं।
25 Downtown की अनुमानित डेवलपमेंट क्षमता करीब ₹38,400 करोड़ है। वहीं 25 West की करीब ₹6,600 करोड़ और 25 South की करीब ₹6,200 करोड़ की डेवलपमेंट क्षमता है। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए कंपनी को साउथ और सेंट्रल मुंबई के प्रीमियम और अल्ट्रा-लक्जरी रेजिडेंशियल बाजार में विस्तार मिलेगा।
मर्जर की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। कंपनी के मुताबिक, इसके पूरा होने के बाद Hubtown का कुल GDV करीब ₹1.3 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
₹1 लाख करोड़ से ज्यादा की नई पाइपलाइन
हबटाउन ने मौजूदा लैंड रिजर्व के आधार पर 3.3 करोड़ वर्गफुट से ज्यादा कारपेट एरिया की नई प्रोजेक्ट पाइपलाइन भी तैयार की है। इसका GDV ₹1 लाख करोड़ से अधिक बताया गया है। इसमें Sunstream City भी शामिल है, जिसकी रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में 2.664 करोड़ वर्गफुट की डेवलपमेंट क्षमता है।
FY26 में प्री-सेल्स और मुनाफे में बढ़ोतरी
कंपनी की प्री-सेल्स FY26 में बढ़कर ₹4,382 करोड़ हो गईं, जो FY25 में ₹3,922 करोड़ थीं। इसी दौरान कलेक्शन ₹1,584 करोड़ से बढ़कर ₹1,910 करोड़ हो गया।
वित्तीय प्रदर्शन में भी सुधार दिखा। FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹833 करोड़, EBITDA ₹342 करोड़ और PAT ₹168 करोड़ रहा। FY25 में ये आंकड़े क्रमशः ₹526 करोड़, ₹234 करोड़ और ₹55 करोड़ थे।