HDFC Bank में क्यों बढ़ी चेयरमैन और CEO के बीच खींचतान? जगदीशन के अचानक हटने से बैंक के सामने नई चुनौती

HDFC Bank में CEO बदलाव को लेकर अचानक हलचल तेज हो गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चेयरमैन राजीव कुमार बैंक की ग्रोथ, टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट में बड़े बदलाव चाहते थे। इसी बीच CEO शशिधर जगदीशन ने तीसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं करने का फैसला किया, जिससे नई लीडरशिप को लेकर सवाल बढ़ गए हैं।

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In Short

  • HDFC Bank के CEO शशिधर जगदीशन ने तीसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं करने का फैसला किया है।
  • ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुताबिक, नए चेयरमैन राजीव कुमार बैंक में तेज ग्रोथ, टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट स्तर पर बड़े बदलाव चाहते हैं।
  • जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म होगा, जबकि बैंक अब नए CEO की तलाश की तैयारी में जुटा है।

By BT बाज़ार डेस्क:

HDFC Bank में अचानक बड़े नेतृत्व बदलाव की तैयारी ने बैंकिंग सेक्टर और निवेशकों को चौंका दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक के नए चेयरमैन राजीव कुमार और CEO शशिधर जगदीशन के बीच बैंक की रणनीति और मैनेजमेंट में बदलाव को लेकर अलग-अलग राय सामने आई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, चेयरमैन बनने के करीब दो महीने बाद ही राजीव कुमार ने बैंक में कई बदलावों की जरूरत बताई। इनमें लोन ग्रोथ तेज करना, टेक्नोलॉजी पर ज्यादा आक्रामक तरीके से काम करना, पुराने मुद्दों को सुलझाना और CEO के आसपास मौजूद कुछ सीनियर अधिकारियों को बदलना शामिल था।

कुछ बदलावों पर सहमत नहीं थे जगदीशन

मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, करीब तीन दशक से HDFC Bank से जुड़े शशिधर जगदीशन ने कुछ प्रस्तावित बदलावों का विरोध किया। रिपोर्ट में कहा गया कि जिन वरिष्ठ अधिकारियों का वह समर्थन कर रहे थे, उन्हें हटाने के बजाय जगदीशन ने अगले महीने अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद पद छोड़ने का फैसला किया।

Image Credit : Aaj Tak

हालांकि, HDFC Bank ने ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को खारिज किया है। बैंक ने कहा कि सीनियर अधिकारियों को बदलने, CEO के कुछ बदलावों का विरोध करने और उनके दोबारा कार्यकाल नहीं मांगने की वजह से जुड़ी बातें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।

अचानक बुलाई गई बोर्ड बैठक

रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को कम समय के नोटिस पर बोर्ड बैठक बुलाई गई, जहां जगदीशन ने औपचारिक तौर पर बताया कि वह तीसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी नहीं करेंगे। कुछ डायरेक्टर्स ने उन्हें फैसला बदलने के लिए कहा, लेकिन वह अपने निर्णय पर कायम रहे।

इसके बाद बैंक ने शेयर बाजारों को इसकी जानकारी दी। इस घटनाक्रम की तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बैंक की नॉमिनेशन और रेम्यूनरेशन कमेटी ने तब तक नए CEO की तलाश के लिए किसी एग्जीक्यूटिव सर्च फर्म को भी नियुक्त नहीं किया था।

बाहरी उम्मीदवार चाहते हैं राजीव कुमार

मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, राजीव कुमार CEO पद के लिए किसी बाहरी उम्मीदवार के पक्ष में हैं। उन्हें बैंक के कुछ आंतरिक उम्मीदवार उतने आक्रामक नहीं लगते, जो तेज ग्रोथ और बेहतर एग्जीक्यूशन की उनकी योजना को आगे बढ़ा सकें।

जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म होगा। नए CEO की नियुक्ति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी भी जरूरी होगी। ऐसे में बैंक के सामने कम समय में नया नेतृत्व तय करने की चुनौती है।

शेयरों पर भी पड़ा दबाव

HDFC Bank के शेयर इस साल 28 प्रतिशत गिर चुके हैं, जबकि Nifty Bank Index में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले साल के उच्च स्तर से बैंक की मार्केट वैल्यू में 60 अरब डॉलर से ज्यादा की कमी आ चुकी है।

विश्लेषकों की राय भी बंटी हुई है। Jefferies ने अपना 12 महीने का टारगेट 16 प्रतिशत घटाया है और कहा है कि टॉप मैनेजमेंट में और बदलाव बैंक के कारोबार और प्रदर्शन पर निकट अवधि में असर डाल सकते हैं। वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि एक मजबूत बाहरी उम्मीदवार बैंक को नई नेतृत्व दिशा दे सकता है।

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