HDFC Bank में CEO की कुर्सी होगी खाली, नए सीईओ पर अब टिकी नजरें
HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन ने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म होगा। अब बैंक के सामने नए प्रमुख के चयन की चुनौती है और संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

In Short
- HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
- डिप्टी MD कैजाद भरूचा का नाम संभावित दावेदार के तौर पर चर्चा में है।
- बैंक नए प्रमुख के चयन की प्रक्रिया तेज करेगा और नियुक्ति के लिए RBI की मंजूरी जरूरी होगी।
देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank में एक बार फिर नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शशिधर जगदीशन ने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म होगा। इसके बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बैंक की कमान किसे मिलेगी।
बोर्ड को जल्दी लेना होगा फैसला
जगदीशन का फैसला ऐसे समय आया है जब उनके दूसरे कार्यकाल के खत्म होने में दो महीने से भी कम समय बचा है। HDFC Bank ने कहा है कि बोर्ड नए प्रमुख के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएगा।
हालांकि नए MD और CEO की नियुक्ति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी भी जरूरी होगी। ऐसे मामलों में RBI आमतौर पर कुछ नामों पर विचार करता है और अंतिम नियुक्ति नियामकीय मंजूरी के बाद होती है।
तीन दशक से बैंक के साथ रहे जगदीशन
शशिधर जगदीशन का HDFC Bank के साथ सफर तीन दशक से ज्यादा लंबा रहा है। उन्होंने 1996 में बैंक के वित्त विभाग में प्रबंधक के तौर पर शुरुआत की थी। साल 2020 में उन्होंने लंबे समय तक बैंक का नेतृत्व करने वाले आदित्य पुरी की जगह MD और CEO का पद संभाला।
2023 में उन्हें दोबारा इस पद पर नियुक्त किया गया था। बैंक के मुताबिक जगदीशन ने शनिवार को बोर्ड को बताया कि वह फिर से नियुक्ति नहीं चाहते। बैंक ने कहा कि आग्रह के बावजूद उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला।
पिछले कुछ महीनों से बैंक पर बढ़ी नजर
HDFC Bank पिछले कुछ महीनों में कई कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। इससे पहले बैंक के अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिकता और मूल्यों को लेकर मतभेद बताते हुए इस्तीफा दे दिया था।
इसके अलावा दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर की एक शाखा में गलत तरीके से उत्पाद बेचने से जुड़े सवाल भी उठे थे, जिसके बाद बैंक ने कुछ कर्मचारियों को हटा दिया था।
एक अन्य मामले में जगदीशन, मुख्य वित्त अधिकारी श्रीनिवासन वैद्यनाथन और खुदरा संपत्ति समूह प्रमुख अरविंद वोहरा पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
कैजाद भरूचा का नाम चर्चा में
जगदीशन के जाने के बाद बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा का नाम संभावित दावेदारों में सामने आ रहा है। वह अक्टूबर 1995 से HDFC Bank के साथ हैं और 2014 से बोर्ड के सदस्य हैं। अप्रैल 2023 से वह उप MD की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
बैंक के मुताबिक भरूचा ने ऋण और जोखिम ढांचा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।
बाहर से भी आ सकता है नया चेहरा
HDFC Bank के कई वरिष्ठ अधिकारी पिछले कुछ वर्षों में बैंक छोड़ चुके हैं। भावेश जवेरी अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त हुए, राहुल श्याम शुक्ला ने अक्टूबर 2025 में इस्तीफा दिया और विनय राजदान जून 2025 में बैंक से अलग हो गए।
ऐसे में बैंक आंतरिक उम्मीदवार के साथ-साथ दूसरे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी विचार कर सकता है। समय कम होने की वजह से स्थायी नियुक्ति से पहले अंतरिम व्यवस्था की जरूरत भी पड़ सकती है।
इससे पहले अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद HDFC Bank ने केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया था। बाद में जून में पूर्व IAS अधिकारी और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को नया अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया।