Gold Price: छह महीने की सबसे बड़ी वीकली बढ़त की ओर सोना, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भी बढ़ी खरीदारी

सोने की कीमतों में इस हफ्ते 5% से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई है और यह छह महीने की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। मिडिल ईस्ट तनाव, चीन की बढ़ती खरीदारी और निवेशकों की रणनीति ने बाजार का रुख बदल दिया है।

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In Short

  • सोने में 6 महीने की सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी, इस हफ्ते 5% से ज्यादा की बढ़त।
  • चीन की बढ़ती खरीदारी और डिप-बायिंग से गोल्ड की कीमतों को मिला मजबूत सपोर्ट।
  • मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भी सोने में निवेश बढ़ा, लेकिन अमेरिकी ब्याज दरें बनी बड़ी चुनौती।

By BT बाज़ार डेस्क:

सोने की कीमतें इस हफ्ते छह महीने से ज्यादा की सबसे बड़ी वीकली बढ़त की ओर बढ़ती दिख रही हैं। ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को डिप-बायिंग के चलते कीमतों को मजबूत समर्थन मिला और बुलियन 0.7 फीसदी तक चढ़कर करीब 4,270 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

इससे पिछले कारोबारी सत्र की हल्की गिरावट पूरी तरह खत्म हो गई। इस हफ्ते अब तक सोने में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। बीते गुरुवार को कीमतें 4,300 डॉलर प्रति औंस के ऊपर भी पहुंची थीं, हालांकि बाद में यह बढ़त कुछ कम हो गई।

मीडिल ईस्ट तनाव के बावजूद खरीदार एक्टिव

शुक्रवार की तेजी से संकेत मिला कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव का सोने के खरीदारों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज में "शत्रुतापूर्ण ठिकानों" पर हमला किया और अमेरिकी व इजरायली जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश की। वहीं, हूती समूह ने भी यमन की सऊदी समर्थित सरकार की सेनाओं पर बड़े हमले का दावा किया।

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ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि Global X ETFs के एनालिस्ट जस्टिन लिन के मुताबिक, सोने की शुरुआती तेजी केवल भू-राजनीतिक घटनाओं की वजह से नहीं थी। उनके अनुसार यह तकनीकी ब्रेकआउट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख को लेकर बनी आशंकाओं का भी असर था। उनका कहना है कि मौजूदा तेजी में खरीदार फिर से बाजार पर पकड़ बनाते दिख रहे हैं।

चीन से निवेश बढ़ा, लेकिन ब्याज दरें बनी चुनौती

इस हफ्ते चीन के गोल्ड-समर्थित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में लगातार निवेश बढ़ा है, जो मार्च के बाद सबसे लंबी तेजी का दौर है। संस्थागत निवेशकों का मानना है कि मौजूदा स्तर निवेश के लिहाज से आकर्षक हैं। साथ ही, 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर के ऊपर कीमतों का टिके रहना भी भरोसा बढ़ा रहा है।

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हालांकि, अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका अभी भी सोने के लिए निकट अवधि की बड़ी चुनौती बनी हुई है। बाजार फिलहाल सितंबर में अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की करीब 60 फीसदी संभावना मान रहा है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश की मांग पर दबाव डालती हैं।

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