सोने और चांदी का भाव धड़ाम! शादी के सीजन से पहले अभी गोल्ड खरीदने का सही समय या और गिरेगा भाव?

क्या सोना और चांदी खरीदने का सही समय आ गया है या अभी और गिरावट का इंतजार करना चाहिए? जानिए एक्सपर्ट अजय केडिया की राय, सोने-चांदी की कीमतों का आगे का अनुमान, 4-5% करेक्शन की संभावना और त्योहार व शादी के सीजन से पहले निवेशकों के लिए क्या है बेहतर रणनीति।

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In Short

  • एक्सपर्ट के मुताबिक, सोने में अभी 4-5% तक और गिरावट की संभावना है, लेकिन मौजूदा स्तर पर धीरे-धीरे खरीदारी शुरू की जा सकती है।
  • कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से महंगाई और ब्याज दरों का दबाव कम हो सकता है, जिससे सोने की कीमतों को आगे सहारा मिल सकता है।
  • लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ETF या इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) के जरिए चरणबद्ध निवेश करने का यह अच्छा मौका माना जा रहा है।

By Gaurav Kumar:

Gold-Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। गोल्ड की रेट अपने 7 महीने के नीचले स्तर पर चली गई है। 

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है। जो 30 जनवरी 2026 को 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड का रेट 1.79 लाख रुपये था।  वहीं आज 1 किलो चांदी का भाव 2.61 लाख रुपये है। जो 30 जनवरी 2026 को 4.10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था।

अब कुछ ही महीनों में शादी का सीजन शुरू होने वाला है। भारत में शादियों के मौके पर सोने और चांदी देने और पहनने दोनों की परंपरा है। ऐसे में अब निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या मौजूदा गिरावट के बाद खरीदारी कर लेनी चाहिए या कीमतें अभी और नीचे जा सकती हैं।

सोने की कीमत और गिरेगी या नहीं?

इस सवाल पर केडिया एडवाइजरी के फाउंडर और डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में अच्छी गिरावट देखने को मिली है। उनके मुताबिक, खरीदारी का मौका बन रहा है, लेकिन बाजार में अभी भी बिकवाली का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में अभी करीब 4-5% तक का और करेक्शन देखने को मिल सकता है। हालांकि घरेलू बाजार में सोने ने करीब 2 लाख रुपये के आसपास मजबूत सपोर्ट बनाया हुआ है। इससे पहले भी कीमतें इसी स्तर तक आई थीं और फिर वहां से रिकवरी देखने को मिली थी।

अजय केडिया के अनुसार, करीब एक महीने पहले आयात शुल्क (ड्यूटी) में बदलाव और रुपये की कमजोरी के कारण भारत में सोना अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले लगभग 2-4% महंगा हो गया था। लेकिन हालिया गिरावट के बाद अब कीमतें पहले के मुकाबले ज्यादा आकर्षक दिखाई दे रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट भी सोने के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है। WTI क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे और ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर के आसपास आने से महंगाई का दबाव कम हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका भी घटेगी, जिससे सोने की कीमतों को दोबारा सहारा मिल सकता है।

एक्सपर्ट की सलाह है कि जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, वे अभी से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खरीदारी शुरू कर सकते हैं। ETF या इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) के जरिए भी निवेश किया जा सकता है। उनके मुताबिक, मौजूदा स्तर से सोने में गिरावट का जोखिम अब काफी सीमित नजर आता है, जबकि आने वाले महीनों में कीमतों में सुधार की संभावना बनी हुई है।

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