Coffee Prices: दुनिया में जरूरत से ज्यादा हो सकता है कॉफी का उत्पादन! सितंबर में 8.7% गिरे दाम, जानें वजह
दुनियाभर में कॉफी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सितंबर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉफी के दाम 8.7% घट गए। ब्राजील में रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद और वैश्विक सप्लाई बढ़ने से बाजार का रुख बदल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि चार साल बाद दुनिया में खपत से ज्यादा कॉफी पैदा हो सकती है। जानिए कीमतों में गिरावट की असली वजह।

In Short
- सितंबर में वैश्विक कॉफी की औसत कीमत 8.7% गिरकर 262.18 सेंट प्रति पाउंड रही।
- ब्राजील में 2026 के दौरान रिकॉर्ड 6.76 करोड़ बैग कॉफी उत्पादन का अनुमान।
- कॉफी वर्ष 2025-26 में वैश्विक बाजार में 30 लाख बैग अतिरिक्त सप्लाई रहने की उम्मीद।
दुनियाभर में कॉफी पीने वालों की संख्या भले ही बड़ी हो, लेकिन इस साल वैश्विक बाजार में कॉफी की मांग के मुकाबले उत्पादन ज्यादा रहने का अनुमान है। इसका असर कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। सितंबर 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉफी की कीमतों में 8.7% की गिरावट दर्ज की गई। ब्राजील में बेहतर उत्पादन और वैश्विक स्तर पर कॉफी की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
द इन्फॉर्मिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल कॉफी ऑर्गेनाइजेशन (ICO) की मासिक रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर में कॉफी का औसत कंपोजिट इंडिकेटर प्राइस घटकर 262.18 सेंट प्रति पाउंड रह गया। अगस्त में यह 287.29 सेंट प्रति पाउंड था। हालांकि, अल नीनो से जुड़ी अनिश्चितता और अरेबिका कॉफी के सीमित प्रमाणित स्टॉक के कारण कीमतों को कुछ सहारा मिला।
ब्राजील में रिकॉर्ड कॉफी उत्पादन की उम्मीद
दुनिया के प्रमुख कॉफी उत्पादक देश ब्राजील में अगस्त के आखिर तक फसल की कटाई लगभग पूरी हो चुकी थी। कंसल्टेंसी फर्म Safras & Mercado के मुताबिक, 26 अगस्त तक देश में करीब 97% कॉफी की कटाई पूरी हो गई थी।
ब्राजील की नेशनल सप्लाई कंपनी CONAB ने 24 सितंबर को 2026 के लिए कॉफी उत्पादन का अनुमान बढ़ाकर रिकॉर्ड 6.76 करोड़ बैग कर दिया। हालांकि, कटाई के दौरान बारिश होने से कॉफी बीन्स की क्वालिटी प्रभावित हुई, जिससे अलग-अलग ग्रेड की कॉफी की उपलब्धता में अंतर देखने को मिला।
किस तरह की कॉफी कितनी सस्ती हुई?
ICO के मुताबिक, सितंबर में कॉफी की सभी चार प्रमुख कैटेगरी की कीमतों में गिरावट आई।
कोलंबियन माइल्ड्स की कीमत अगस्त के मुकाबले 8.1% घटकर 356.15 सेंट प्रति पाउंड रह गई। वहीं, अदर माइल्ड्स की कीमत 8.8% गिरकर 329.44 सेंट और ब्राजीलियन नैचुरल्स की कीमत 9.9% घटकर 290.19 सेंट प्रति पाउंड रही।
रोबस्टा कॉफी की कीमतों में भी 7.3% की गिरावट आई और इसका औसत भाव 167.49 सेंट प्रति पाउंड दर्ज किया गया।
अगस्त में कॉफी का वैश्विक निर्यात बढ़ा
कॉफी की सप्लाई बढ़ने का असर निर्यात के आंकड़ों में भी दिखाई दिया। अगस्त में ग्रीन कॉफी बीन्स का वैश्विक निर्यात सालाना आधार पर 15.6% बढ़कर 1.094 करोड़ बैग पहुंच गया। पिछले साल इसी महीने यह 94.6 लाख बैग था।
रोबस्टा कॉफी का निर्यात 22.4% बढ़कर 43.6 लाख बैग और ब्राजीलियन नैचुरल्स का निर्यात 21.3% बढ़कर 35.7 लाख बैग हो गया। हालांकि, कोलंबियन माइल्ड्स का निर्यात 5.6% घटकर 10.9 लाख बैग रह गया। कॉफी के प्रत्येक बैग का वजन 60 किलोग्राम होता है।
सभी प्रकार की कॉफी को मिलाकर अगस्त में वैश्विक निर्यात 14.6% बढ़कर 1.255 करोड़ बैग पहुंच गया।
किन क्षेत्रों से बढ़ा कॉफी का निर्यात?
अगस्त में एशिया और ओशिनिया से कॉफी का निर्यात सालाना आधार पर 23.1% बढ़कर 40.3 लाख बैग पहुंच गया। दक्षिण अमेरिका से निर्यात 20.2% बढ़कर 59.8 लाख बैग रहा।
दूसरी तरफ अफ्रीका से निर्यात 1.8% घटकर 17.4 लाख बैग रह गया। कैरेबियाई देशों, मैक्सिको और मध्य अमेरिका से कॉफी का निर्यात 14.3% गिरकर 7.9 लाख बैग दर्ज किया गया।
क्या दुनिया में जरूरत से ज्यादा कॉफी पैदा होगी?
ICO का अनुमान है कि अक्टूबर से सितंबर तक चलने वाले कॉफी वर्ष 2025-26 में वैश्विक उत्पादन 4.4% बढ़कर 18.36 करोड़ बैग पहुंच सकता है।
वहीं, इस दौरान दुनिया में कॉफी की खपत 0.8% घटकर 18.06 करोड़ बैग रहने का अनुमान है। यानी वैश्विक बाजार में करीब 30 लाख बैग कॉफी का अतिरिक्त उत्पादन हो सकता है।
अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो लगातार चार साल तक मांग के मुकाबले कम सप्लाई रहने के बाद पहली बार वैश्विक कॉफी बाजार में सरप्लस की स्थिति बन सकती है। हालांकि, मौसम से जुड़ी अनिश्चितता और कॉफी की गुणवत्ता में बदलाव आगे कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।