पनीर, खोया, मांस और मछली की बिक्री पर FSSAI की सख्ती! अब स्टोरेज से डिलीवरी तक मानने होंगे ये नियम
पनीर, खोया, मांस और मछली की गुणवत्ता को लेकर FSSAI ने सख्ती बढ़ा दी है। अब इन खाद्य पदार्थों को रखने से लेकर ग्राहकों तक पहुंचाने के दौरान कारोबारियों को खास नियमों का पालन करना होगा। जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। जानिए क्या हैं नए निर्देश और किस पर होगी कार्रवाई।

In Short
- पनीर, खोया, मांस और मछली को स्टोर करने से लेकर डिलीवरी तक सही तापमान बनाए रखना जरूरी।
- खाद्य पदार्थों की ढुलाई के लिए साफ और ढके हुए वाहन तथा फूड-ग्रेड पैकेजिंग का इस्तेमाल करना होगा।
- FSSAI के निर्देशों का पालन नहीं करने पर खाद्य पदार्थों को जब्त और नष्ट किया जा सकता है।
अगर आप बाजार से पनीर, खोया, मांस या मछली खरीदते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने जल्दी खराब होने वाले इन खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब इनकी खरीद, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन से लेकर ग्राहकों तक डिलीवरी के दौरान सही तापमान और साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी होगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
FSSAI ने क्यों बढ़ाई सख्ती?
FSSAI ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि पनीर, खोया, मांस और मछली जैसे खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है।
रेगुलेटर के मुताबिक, कई बार इन चीजों को सही तापमान पर न तो रखा जाता है और न ही एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है। ऐसे में इनमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं और खाने-पीने की चीजें खराब हो सकती हैं। इससे लोगों की सेहत को खतरा हो सकता है।
स्टोरेज से डिलीवरी तक सही तापमान जरूरी
FSSAI ने साफ किया है कि खाद्य कारोबारियों को सप्लाई चेन के हर चरण में तय तापमान बनाए रखना होगा। यानी सामान की खरीद से लेकर उसे अंतिम ग्राहक तक पहुंचाने के दौरान तापमान संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी है।
यह नियम खाद्य पदार्थों के निर्माण, पैकिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री से जुड़े सभी कारोबारियों पर लागू होते हैं।
गंदे वाहनों में नहीं ले जा सकेंगे सामान
FSSAI ने निर्देश दिया है कि पनीर, खोया, मांस और मछली जैसी चीजों को केवल साफ-सुथरे, ढके हुए और खाद्य पदार्थों की ढुलाई के लिए उपयुक्त वाहनों में ही ले जाया जाए।
इसके अलावा खाने-पीने की चीजों की पैकिंग के लिए फूड-ग्रेड मटेरियल का इस्तेमाल करना होगा। स्टोरेज, लोडिंग, अनलोडिंग और ट्रांसपोर्टेशन के दौरान सामान को धूल, नमी, कीड़े-मकोड़ों, नुकसान और दूसरे पदार्थों से होने वाले संक्रमण से बचाना भी जरूरी होगा।
कारोबारियों को रखना होगा पूरा रिकॉर्ड
FSSAI ने कारोबारियों को सामान की खेप से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड रखने और उसकी ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर इनवॉइस और दूसरे संबंधित दस्तावेज भी दिखाने होंगे।
ये नियम खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011 के शेड्यूल 4 के तहत तय साफ-सफाई और स्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं से जुड़े हैं।
नियम तोड़ने पर जब्त और नष्ट हो सकता है सामान
FSSAI ने राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों, भारतीय रेलवे और अपने क्षेत्रीय निदेशकों से निगरानी बढ़ाने को कहा है। संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण और परिवहन जांच के दौरान नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अगर कोई कारोबारी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसमें खाद्य पदार्थों को जब्त करना और उन्हें नष्ट करना भी शामिल है।