फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन के बीच भारतीयों के लिए अलर्ट! कई इलाकों में कर्फ्यू, दूतावास ने जारी की एडवाइजरी

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और आगजनी के बाद कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले और यात्रा की तैयारी कर रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। आखिर फ्रांस में क्यों भड़की हिंसा और भारतीयों को किन बातों का ध्यान रखना होगा?

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In Short

  • फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन और आगजनी के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू।
  • भारतीय दूतावास ने नागरिकों को भीड़भाड़ और प्रदर्शन वाली जगहों से दूर रहने को कहा।
  • हिंसा के बीच 2500 लोग हिरासत में, 5 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान।

By Gungun Mishra:

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और कई इलाकों में कर्फ्यू के बीच भारतीय नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने फ्रांस में रहने वाले और वहां जाने की योजना बना रहे भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दूतावास ने लोगों से प्रदर्शन वाली जगहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने को कहा है।

क्यों भड़की फ्रांस में हिंसा?

फ्रांस में बढ़ती महंगाई, सरकारी सेवाओं की खराब स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पेरिस, मार्सिले और लियोन जैसे शहरों में प्रदर्शन के दौरान लूटपाट, आगजनी और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आई हैं।

हालांकि, पिछले दो दिनों से हालात शांत रहे हैं, लेकिन गुरुवार और शनिवार को फिर प्रदर्शन की तैयारी है। सुरक्षा को देखते हुए कई शहरों के कुछ इलाकों में कर्फ्यू लागू है।

भारतीय दूतावास ने क्या सलाह दी?

भारतीय दूतावास ने बुधवार शाम जारी एडवाइजरी में नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की। दूतावास ने कहा कि भारतीय नागरिक प्रदर्शन वाली जगहों पर जाने से बचें और फ्रांस के स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

इसके अलावा परिवहन सेवाओं में संभावित रुकावटों की जानकारी के लिए आधिकारिक चैनलों पर नजर रखने को कहा गया है।

किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक पेरिस स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं।

  • हेल्पलाइन नंबर: +33 6 48 34 00 63

  • ईमेल: cons.paris@mea.gov.in

छात्र भी सड़कों पर क्यों उतरे?

फ्रांस में हाई स्कूल के छात्र भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज हैं। छात्रों ने स्कूलों में पर्याप्त फंड, बेहतर सुविधाओं और कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया है। खासकर कम आय वाले इलाकों में ये समस्याएं ज्यादा बताई जा रही हैं।

कुछ छात्रों का कहना है कि सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक स्कूल में रहना थकाने वाला है। उन्होंने यूनिवर्सिटी में दाखिले की प्रक्रिया की जटिलता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं।

2500 लोग हिरासत में, सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी

फ्रांस के न्याय मंत्री जेराल्ड डार्मैनिन के मुताबिक, हिंसा के दौरान और उसके बाद हिरासत में लिए गए 2500 लोगों में से 174 को जेल भेजा गया है, जबकि 917 लोगों के खिलाफ औपचारिक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने यूनियन प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। उन्होंने शनिवार को हिंसा रोकने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा अभियान चलाने की बात कही है। वहीं, पेरिस पुलिस ने सुरक्षा कारणों से गुरुवार के प्रदर्शन पर रोक लगाने की बात कही है।

विदेशी नेताओं पर भड़के राष्ट्रपति मैक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कतर दौरे के दौरान विदेशी नेताओं पर फ्रांस की हिंसा का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने AI से बनाई गई फर्जी तस्वीरों और गलत सूचनाओं के प्रसार पर भी चिंता जताई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों पर सवाल पूछे जाने पर मैक्रों ने संकेत दिया कि उनकी आलोचना में ट्रंप भी शामिल हैं।

इस बीच, फ्रांस की मजदूर यूनियनों ने महंगाई और सरकारी सेवाओं में कटौती के विरोध में 5 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

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