एक दशक में पहली बार घटे LPG ग्राहक, अप्रैल-अगस्त में 62 लाख घरों ने छोड़ा गैस कनेक्शन
देश में पहली बार एक दशक से ज्यादा समय बाद घरेलू LPG ग्राहकों की संख्या घटी है। अप्रैल से अगस्त के बीच 62 लाख ग्राहक कम हुए हैं। सप्लाई से लेकर ग्राहकों की जांच और PNG में बदलाव तक, कई वजहों से एलपीजी आधार में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

In Short
- एक दशक बाद पहली बार देश में सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई।
- अप्रैल से अगस्त के बीच एलपीजी ग्राहक आधार 333.9 मिलियन से घटकर 327.7 मिलियन रह गया।
- ईरान युद्ध से सप्लाई प्रभावित होने और PNG में बदलाव को गिरावट की बड़ी वजह बताया गया।
भारत में पहली बार एक दशक से ज्यादा समय बाद घरेलू LPG ग्राहकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल से अगस्त के बीच देश में सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहकों की संख्या 62 लाख घट गई है। इस गिरावट की बड़ी वजह ईरान युद्ध के कारण एलपीजी सप्लाई पर पड़ा असर बताया जा रहा है। सप्लाई सीमित होने के चलते तेल कंपनियों ने नए कनेक्शन जारी करने के बजाय मौजूदा ग्राहकों की जरूरत पूरी करने पर ध्यान दिया।
सितंबर की शुरुआत में 327.7 मिलियन रह गया एलपीजी ग्राहक आधार
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय के आंकड़ों में बताया गया है कि अप्रैल में सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहकों की संख्या 333.9 मिलियन थी, जो सितंबर की शुरुआत में घटकर 327.7 मिलियन रह गई। वहीं, सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत जुड़े ग्राहकों की संख्या भी करीब 6 लाख घटकर 105.7 मिलियन रह गई।
यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले कई वर्षों में एलपीजी ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। साल 2015-16 की शुरुआत में देश में सक्रिय एलपीजी ग्राहक 148.6 मिलियन थे, जो मौजूदा वित्त वर्ष की शुरुआत तक बढ़कर 333.9 मिलियन हो गए थे।
LPG कनेक्शन बढ़ने की रफ्तार हुई धीमी
रिपोर्ट के अनुसार, 2014-15 से 2018-19 के बीच LPG ग्राहक आधार की ग्रोथ रेट 11.9% से 19.6% के बीच रही थी। हालांकि, हाल के वर्षों में इसकी रफ्तार धीमी होकर करीब 5% या उससे कम रह गई।
इस वित्त वर्ष में कुल एलपीजीग्राहक आधार में करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई है। इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, ईरान युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र से एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई। संघर्ष से पहले भारत के एलपीजी आयात का करीब 90% हिस्सा इसी क्षेत्र से आता था।
आधार आधारित वेरिफिकेशन से हुई निष्क्रिय ग्राहकों की पहचान
सप्लाई में कमी के बीच तेल कंपनियों ने नए एलपीजी कनेक्शन जारी करना रोक दिया। साथ ही, कंपनियों ने आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन शुरू किया, ताकि निष्क्रिय ग्राहकों, एक परिवार में कई कनेक्शन और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की पहचान की जा सके।
सरकार ने PNG सुविधा वाले इलाकों में ग्राहकों को एलपीजी से PNG की ओर जाने के लिए भी प्रोत्साहित किया है। जुलाई तक सिटी गैस कंपनियों ने करीब 6 लाख नए PNG ग्राहक जोड़े, जिससे कुल संख्या 17.5 मिलियन हो गई। वहीं, बिल वाले PNG ग्राहकों की संख्या 10.7 मिलियन तक पहुंच गई।
दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा LPG ग्राहक घटे
PNG में बदलाव की वजह से करीब 62 लाख घटे LPG ग्राहकों में से लगभग एक-छठा हिस्सा कम हुआ है। क्षेत्र के हिसाब से देखें तो दक्षिण भारत में एलपीजी ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा घटी है। यहां मार्च के अंत से अब तक 26.3 लाख ग्राहक कम हुए हैं।
इसके बाद पश्चिमी भारत में 16.2 लाख और उत्तरी भारत में 15 लाख एलपीजी ग्राहक घटे हैं। पूर्वी भारत में 3.4 लाख ग्राहकों की कमी दर्ज की गई है।
सितंबर की शुरुआत में उत्तरी भारत के पास सबसे बड़ा एलपीजी ग्राहक आधार था, जहां 99.3 मिलियन ग्राहक थे। इसके बाद दक्षिण भारत में 79.8 मिलियन, पश्चिमी भारत में 68.3 मिलियन और पूर्वी भारत में 67.5 मिलियन एलपीजी ग्राहक थे।