त्योहारों की खरीदारी पर महंगाई की मार! 1.97 लाख करोड़ रुपये रह सकता है खर्च, सर्वे में क्या आया सामने?
दिवाली और दूसरे त्योहारों से पहले महंगाई का असर लोगों के खरीदारी बजट पर दिख रहा है। LocalCircles के सर्वे के मुताबिक, इस साल शहरी भारत का त्योहारी खर्च 6% घटकर 1.97 लाख करोड़ रुपये रह सकता है। करीब 31% परिवार गैर-जरूरी खरीदारी से बचने की योजना बना रहे हैं। जानिए लोग किन चीजों पर खर्च करेंगे और किन पर बचत करेंगे।

In Short
- 2026 में शहरी भारत का त्योहारी खर्च 6% घटकर 1.97 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
- सर्वे में 31% परिवारों ने गैर-जरूरी खरीदारी नहीं करने की बात कही।
- खरीदारी करने वाले 83% परिवार खर्च के लिए अपनी बचत का इस्तेमाल करेंगे।
त्योहारों के सीजन में इस बार शहरों में रहने वाले लोग खरीदारी पर कम पैसा खर्च कर सकते हैं। LocalCircles के सर्वे के मुताबिक, 2026 में शहरी भारत का त्योहारी खर्च 6% घटकर 1.97 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। पिछले साल यह आंकड़ा 2.10 लाख करोड़ रुपये था। बढ़ती महंगाई और महंगे कर्ज के कारण लोग गैर-जरूरी खरीदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
त्योहारों पर कितना खर्च करेंगे लोग?
LocalCircles के Mood of the Consumer 2026 सर्वे में देश के 307 जिलों से 67,000 से ज्यादा प्रतिक्रियाएं मिलीं। सर्वे के मुताबिक, शहरी परिवार इस त्योहारी सीजन में औसतन करीब 20,000 रुपये खर्च करने की योजना बना रहे हैं।
करीब 57% परिवारों ने कहा कि वे त्योहारों पर जरूरत के अलावा भी खरीदारी करेंगे। वहीं, 31% परिवारों ने गैर-जरूरी चीजों पर बिल्कुल खर्च नहीं करने की बात कही।
हालांकि, इस साल का अनुमानित खर्च 2024 के 1.85 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
महंगाई से बिगड़ रहा घर का बजट
त्योहारी खर्च घटने की सबसे बड़ी वजह महंगाई और कर्ज महंगा होना है। सितंबर में खुदरा महंगाई अगस्त के 4.83% से बढ़कर 5.54% पहुंच गई। वहीं, खाने-पीने की चीजों की महंगाई 5.97% से बढ़कर 7.74% हो गई।
इसके अलावा, RBI ने 7 अक्टूबर को रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% कर दिया। इससे लोन पर खरीदारी करने वालों का खर्च बढ़ सकता है। RBI का अनुमान है कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच महंगाई 6% तक पहुंच सकती है।
कपड़े और घूमने-फिरने पर ज्यादा खर्च
सर्वे के मुताबिक, खरीदारी की योजना बना रहे 72% परिवार कपड़े, जूते और दूसरी फैशन से जुड़ी चीजें खरीदना चाहते हैं। वहीं, 45% परिवार घरेलू उपकरण और फर्नीचर खरीदने की योजना बना रहे हैं। इतने ही परिवार घूमने-फिरने पर खर्च करना चाहते हैं।
करीब 39% परिवार गिफ्ट और खाने-पीने की खास चीजों पर, जबकि 22% मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर खर्च करेंगे। सोने-चांदी की ऊंची कीमतों के कारण सिर्फ 6% परिवार ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं।
बचत के पैसों से होगी खरीदारी
सर्वे में सामने आया कि त्योहारी खरीदारी की योजना बना रहे 83% परिवार अपनी बचत का कुछ हिस्सा खर्च करेंगे।
वहीं, 16% परिवार पूरी खरीदारी बचत के पैसों से करने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई और कर्ज की बढ़ती लागत के कारण इस बार त्योहारों पर खरीदारी की रफ्तार धीमी रह सकती है।