Ethanol Price: मक्का और चावल से बनने वाले एथेनॉल की कीमत बढ़ाने की मांग, जानें क्यों सरकार से लगाई गुहार

देश में एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों ने सरकार से मक्का और चावल आधारित एथेनॉल की खरीद कीमत बढ़ाने की मांग की है। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) का कहना है कि कच्चे माल, बिजली और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से कंपनियों के लिए उत्पादन महंगा हो रहा है। संगठन ने सरकार से इंसेंटिव बढ़ाने और कीमतों में बदलाव करने की अपील की है।

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एथेनॉल की कीमत बढ़ाने की मांग, मक्का और चावल से उत्पादन की बढ़ती लागत बनी चुनौती
एथेनॉल की कीमत बढ़ाने की मांग, मक्का और चावल से उत्पादन की बढ़ती लागत बनी चुनौती

In Short

  • मक्का और चावल से बने एथेनॉल की कीमत बढ़ाने की मांग।
  • मक्का पर इंसेंटिव 2.79 रुपये से 5.79 रुपये करने की अपील।
  • बढ़ती लागत से एथेनॉल कंपनियों के मुनाफे पर दबाव।

By Shakshi:

देश में एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों ने सरकार से मक्का और चावल से बनने वाले एथेनॉल की खरीद कीमत बढ़ाने की मांग की है। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) का कहना है कि मौजूदा कीमतों पर एथेनॉल बनाना महंगा पड़ रहा है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ रहा है। संगठन ने सरकार से कीमतों और प्रोत्साहन राशि में बदलाव करने की अपील की है।

मक्का से बनने वाले एथेनॉल पर ज्यादा इंसेंटिव की मांग

AIDA ने सरकार से मक्का आधारित एथेनॉल पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को फिर से 5.79 रुपये प्रति लीटर करने की मांग की है। सरकार ने इसे घटाकर 2.79 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।

इस कटौती के बाद मक्का से बने एथेनॉल की प्रभावी खरीद कीमत 68.86 रुपये प्रति लीटर रह गई है। संगठन का कहना है कि मक्का खरीदने और उससे एथेनॉल तैयार करने की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कम इंसेंटिव से कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

चावल से बने एथेनॉल की कीमत भी बढ़ाने की मांग

संगठन ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) से मिलने वाले अतिरिक्त चावल से तैयार एथेनॉल की खरीद कीमत बढ़ाने की भी मांग की है।

फिलहाल इसकी कीमत 60.32 रुपये प्रति लीटर है। AIDA के मुताबिक, कच्चे माल, बिजली, केमिकल, प्रोसेसिंग और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से कंपनियों के लिए मौजूदा कीमत पर कारोबार करना मुश्किल हो रहा है।

गन्ने से एथेनॉल बनाने में ज्यादा छूट की मांग

AIDA ने चीनी मिलों को गन्ने के रस, शुगर सिरप और बी-हैवी मोलासेस से एथेनॉल बनाने में ज्यादा छूट देने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि इससे कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगी। साथ ही एथेनॉल उत्पादन किसी एक फसल पर निर्भर नहीं रहेगा।

AIDA ने अल नीनो के कारण मानसून प्रभावित होने और फसलों की पैदावार में उतार-चढ़ाव की आशंका भी जताई है।

20% एथेनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्य पर जोर

AIDA के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने कहा कि एथेनॉल उद्योग में निवेश बनाए रखने के लिए सही कीमत, पर्याप्त इंसेंटिव और स्पष्ट सरकारी नीतियां जरूरी हैं।

संगठन के उपाध्यक्ष कुशल मित्तल के मुताबिक, सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए जिससे मक्का, चावल और गन्ने से एथेनॉल बनाने वाली सभी कंपनियों को उचित अवसर मिलें।

संगठन का कहना है कि संतुलित कीमतों और सरकारी सहयोग से भारत के पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।

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