AI की बढ़ती डिमांड के बीच भारत में $50 बिलियन निवेश करेगा EQT, अडाणी के डेटा सेंटर पर भी दांव
EQT AB भारत में 2030 तक 50 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बना रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का सबसे बड़ा फोकस डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा। इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी और प्राइवेट इक्विटी सेक्टर में भी निवेश बढ़ाने की तैयारी है।

In Short
- EQT AB ने 2030 तक भारत में 50 अरब डॉलर निवेश की योजना बनाई, जिसमें बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर में लगाया जाएगा।
- करीब 30 अरब डॉलर डेटा सेंटर और 5 अरब डॉलर रिन्यूएबल एनर्जी व बैटरी स्टोरेज में निवेश किए जाएंगे।
- EQT AI इंफ्रास्ट्रक्चर और प्राइवेट इक्विटी निवेश बढ़ाने की तैयारी में है, भारत को बड़ी रणनीतिक मार्केट मान रहा है।
भारत के तेजी से बढ़ते टेक्नोलॉजी सेक्टर में विदेशी निवेश बढ़ रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, स्वीडन की निवेश कंपनी EQT AB भारत में 2030 तक 50 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बना रही है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर और उससे जुड़ी ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं में लगाया जाएगा।
EQT के चेयरमैन जीन सलाटा के मुताबिक, कंपनी भारत में डेटा सेंटर सेक्टर में करीब 30 अरब डॉलर और इन्हें चलाने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी में 5 अरब डॉलर निवेश करेगी।
Adani के डेटा सेंटर बिजनेस में भी निवेश
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, EQT अपने पोर्टफोलियो कंपनी EdgeConnex के जरिए भारत में डेटा सेंटर निवेश बढ़ाएगी। EdgeConnex ने 2021 में Adani Enterprises के साथ 50-50 जॉइंट वेंचर बनाया था, जिसका नाम AdaniConnex Pvt है।
Adani Group ने फरवरी में कहा था कि वह 2035 तक ग्रीन एनर्जी से चलने वाले AI-रेडी डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 100 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बना रहा है।
AI की बढ़ती जरूरत से बढ़ रही मांग
EQT का यह निवेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के लिए बढ़ती कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
भारत में डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़ी ग्लोबल कंपनियां निवेश कर रही हैं। Blackstone, Brookfield Asset Management, Warburg Pincus और Bain Capital जैसी कंपनियां भी भारत के डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश बढ़ा रही हैं।
इसके अलावा Amazon भारत में 2030 तक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.7 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बना रहा है। वहीं Alphabet करीब 15 अरब डॉलर के AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब पर काम कर रही है।
डेटा सेंटर के साथ ग्रीन एनर्जी पर फोकस
EQT के मुताबिक, डेटा सेंटर निवेश के साथ कंपनी ग्रीन एनर्जी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन में भी निवेश करेगी।
जीन सलाटा ने कहा कि भारत EQT की रणनीति में आने वाले समय में बड़ी भूमिका निभाएगा, क्योंकि यहां अवसरों का आकार काफी बड़ा है।
भारत में बढ़ाएगी प्राइवेट इक्विटी निवेश
डेटा सेंटर के अलावा EQT भारत में वेंचर और बायआउट प्राइवेट इक्विटी निवेश को भी बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी 2030 तक इस क्षेत्र में करीब 15 अरब से 20 अरब डॉलर निवेश कर सकती है।
EQT ने 1998 से भारत में 30 निवेशों के जरिए 26 अरब डॉलर का निवेश किया है। इसमें से करीब 7 अरब डॉलर का निवेश 2023 के बाद किया गया है।
कंपनी का कहना है कि AI जहां IT सर्विस इंडस्ट्री में बदलाव ला रहा है, वहीं यह विकास का एक बड़ा अवसर भी बन रहा है। जून 2026 तक EQT दुनियाभर में 341 अरब यूरो की संपत्ति का प्रबंधन कर रही है।